कोलकाता, 15 सितंबर 2026। पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भाजपा ने अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। पार्टी ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ और रेजीनगर से शाश्वर सरकार को उम्मीदवार बनाया है। नंदीग्राम से भाजपा उम्मीदवार हसीरानी रथ, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के PA रहे चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ रथ की छह मई की देर रात मध्यमग्राम के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बाद में गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। हसीरानी रथ पहले TMC से जुड़ी रही हैं और पंचायत सदस्य भी रह चुकी हैं।

नंदीग्राम सीट क्यों हुई खाली ?

2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ भवानीपुर सीट से भी चुनाव लड़ा था और दोनों सीटों पर जीत हासिल की थी। बाद में उन्होंने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद नंदीग्राम सीट पर उपचुनाव की स्थिति बनी। नंदीग्राम लंबे समय से पश्चिम बंगाल की राजनीति में बेहद अहम सीट रही है। 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

नंदीग्राम में TMC के दो गुट आमने-सामने

उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुट भी अलग-अलग उम्मीदवारों के साथ मैदान में हैं। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने नंदीग्राम से मोहम्मद एतेशामुल हक को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने नंदीग्राम से संचिता प्रधान डे को टिकट दिया है। दोनों गुट खुद को असली TMC बताते हुए पार्टी के ‘जोड़ा घास फूल’ चुनाव चिह्न पर दावा कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों से अतिरिक्त दस्तावेज मांगे हैं और 16 सितंबर तक जवाब देने को कहा है। अगर उपचुनाव से पहले चुनाव आयोग इस विवाद पर फैसला नहीं कर पाता है, तो मौजूदा चुनाव चिह्न फ्रीज किए जाने की स्थिति बन सकती है। ऐसे में दोनों गुटों को अलग नाम और चुनाव चिह्न के साथ चुनाव लड़ना पड़ सकता है।

कांग्रेस और लेफ्ट ने भी उतारे उम्मीदवार

कांग्रेस ने नंदीग्राम से मिलन प्रधान को उम्मीदवार बनाया है। वहीं CPI ने शांति गोपाल गिरी को मैदान में उतारा है। रेजीनगर सीट से कांग्रेस ने मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी, CPI(M) ने अधिवक्ता सैयद असद अली और TMC के दोनों गुटों ने अलग-अलग उम्मीदवार उतारे हैं। इस तरह नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों सीटों पर मुकाबला बहुकोणीय हो गया है।

नंदीग्राम का राजनीतिक इतिहास

नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय से महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन ने ममता बनर्जी और TMC को राज्य की राजनीति में मजबूत आधार देने में बड़ी भूमिका निभाई थी। 2021 में नंदीग्राम का चुनाव ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधी राजनीतिक लड़ाई के तौर पर देखा गया था। शुभेंदु अधिकारी की जीत के बाद यह सीट भाजपा और TMC के बीच संघर्ष का बड़ा केंद्र बन गई।

चार राज्यों में छह सीटों पर उपचुनाव

पश्चिम बंगाल के अलावा तमिलनाडु, पुडुचेरी और असम में भी खाली हुई विधानसभा और लोकसभा सीटों पर उपचुनाव होना है। तमिलनाडु की मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा सीटें विधायकों के इस्तीफे के बाद खाली हुई हैं। पुडुचेरी की थट्टानचावड़ी सीट भी इस्तीफे के कारण रिक्त हुई है। वहीं असम की नगांव लोकसभा सीट प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों पर उपचुनाव में भाजपा, TMC के दोनों गुट, कांग्रेस और वाम दलों के उम्मीदवार मैदान में हैं। ऐसे में इन दोनों सीटों का मुकाबला काफी दिलचस्प होने की उम्मीद है।