इंफाल, 14 सितंबर 2026 : मणिपुर के तमेंगलोंग और नोनी जिलों में संदिग्ध उग्रवादियों के हमले में चार लोगों की हत्या के बाद तनाव काफी बढ़ गया है। मृतकों में दो महिलाएं भी शामिल हैं। घटना के बाद कुकी-जो काउंसिल ने सशस्त्र समूहों की गतिविधियों पर गंभीर चिंता जताते हुए चेतावनी दी है कि यदि हिंसा पर तत्काल रोक नहीं लगी तो राज्य दोबारा बड़े पैमाने के संघर्ष की ओर बढ़ सकता है।
दो गांवों में हुआ हमला, चार नागरिकों की मौत
रविवार को तमेंगलोंग और नोनी जिलों के टोलन व लोंगपी गांवों में संदिग्ध उग्रवादियों ने हमला किया। इस दौरान चार नागरिकों की जान चली गई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कुकी-जो काउंसिल ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि आम नागरिकों को निशाना बनाने वाली ऐसी हिंसक गतिविधियां लगातार चिंता का विषय बन रही हैं।
2026 में 22 से ज्यादा कुकी-जो लोगों की मौत का दावा
कुकी-जो काउंसिल का दावा है कि 2026 की शुरुआत से अब तक 22 से अधिक कुकी-जो लोगों की मौत कथित तौर पर नगा सशस्त्र समूहों से जुड़ी गतिविधियों के कारण हुई है। परिषद के अनुसार, मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। परिषद ने आरोप लगाया कि नगा-कुकी-जो हिंसा को खत्म करने के लिए राजनीतिक और नागरिक समाज के स्तर पर पर्याप्त संवाद और मेल-मिलाप की कोशिश नहीं हो रही है।
केंद्र से निर्णायक कार्रवाई की मांग
कुकी-जो काउंसिल ने केंद्र सरकार से सशस्त्र समूहों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने की अपील की है। परिषद का कहना है कि किसी भी सशस्त्र संगठन को हिंसक गतिविधियां जारी रखने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। परिषद ने चेतावनी दी कि अगर ऐसी घटनाओं पर प्रभावी तरीके से रोक नहीं लगी तो मणिपुर में हालात फिर गंभीर हो सकते हैं और राज्य एक बार फिर व्यापक संघर्ष की ओर बढ़ सकता है।
कुकी विधायकों ने भी की घटना की निंदा
तीन कुकी विधायकों ने भी चार नागरिकों की हत्या की निंदा की है। सैतू विधानसभा क्षेत्र के विधायक हाओखोलेट किपगेन ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को बिना भय के सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अधिकार है। विधायक लेत्जामांग हाओकिप ने सुरक्षा बलों से हमले के आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की अपील की। वहीं विधायक किमनियो हैंगशिंग ने हत्याओं को कायरतापूर्ण कृत्य बताया।
2023 से जारी है मणिपुर का जातीय संघर्ष
मणिपुर में मई 2023 से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा का लंबा दौर जारी रहा है। इस संघर्ष में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और हजारों लोग विस्थापित हुए। ऐसे में ताजा हत्याओं ने राज्य में सुरक्षा और शांति व्यवस्था को लेकर चिंता फिर बढ़ा दी है।




