नई दिल्ली, 14 अगस्त 2026 : कांग्रेस के एक कार्यक्रम में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को लेकर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित की कथित टिप्पणी पर विवाद के बीच अब विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया सामने आई है। विदेश मंत्रालय ने भारत और इटली के मजबूत संबंधों का हवाला देते हुए कहा कि दोनों देशों की मित्रता और रिश्तों को हमेशा सम्मानजनक दायरे में रखना जरूरी है।
संदीप दीक्षित के कमेंट पर MEA ने क्या कहा ?
शुक्रवार को विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक पत्रकार ने संदीप दीक्षित की कथित टिप्पणी को लेकर सवाल पूछा। इस पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत के इटली के साथ गहरे और मजबूत संबंध हैं और भारत इन रिश्तों को और मजबूत करना चाहता है। उन्होंने कहा कि दो देशों के बीच मित्रता और संबंधों को हमेशा एक सम्मानपूर्ण दायरे में रखना जरूरी है। दरअसल, कांग्रेस के 'रचनात्मक कांग्रेस' कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। वीडियो में राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर टिप्पणी करते हुए मंच पर मौजूद संदीप दीक्षित को गले लगाते नजर आते हैं। इसके बाद संदीप दीक्षित ने कथित तौर पर मजाकिया अंदाज में पूछा कि कहीं राहुल गांधी उन्हें जॉर्जिया मेलोनी समझकर तो गले नहीं लगा रहे थे। इसी टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ है।
भारत-इटली के रिश्तों पर विदेश मंत्रालय का जोर
विदेश मंत्रालय ने अपने जवाब में किसी नेता का नाम लेकर टिप्पणी करने के बजाय भारत और इटली के द्विपक्षीय संबंधों पर जोर दिया। MEA ने स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच संबंध महत्वपूर्ण हैं और इन्हें आगे बढ़ाने की कोशिश जारी है।
शहबाज शरीफ के सिंधु जल बयान पर भी जवाब
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सिंधु जल संधि को लेकर दिए गए बयान पर भी सवाल किया गया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत इस मुद्दे पर अपना रुख पहले ही स्पष्ट कर चुका है और उसकी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। पाकिस्तान की ओर से सिंधु जल संधि को लेकर दिए गए बयानों के बीच भारत ने अपने पुराने रुख को ही दोहराया है।
BRICS समिट को लेकर क्या बोला MEA ?
BRICS समिट की तैयारियों को लेकर रणधीर जायसवाल ने बताया कि भारत ने समिट में शामिल होने के लिए कई देशों को निमंत्रण भेजा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि फिलहाल इस संबंध में उनके पास कोई नई जानकारी नहीं है।
कोलंबिया को भारत ने भेजी राहत सामग्री
कोलंबिया में आए विनाशकारी भूकंप पर भारत ने संवेदना जताई है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत ने कोलंबिया के लिए 20 मीट्रिक टन राहत सामग्री भेजी है। इसमें दवाइयां, मेडिकल उपकरण और राहत कार्यों में इस्तेमाल होने वाली अन्य जरूरी सामग्री शामिल है। भारत कोलंबियाई सरकार के साथ अपने मिशन के जरिए संपर्क में भी है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है।
अफगानिस्तान के साथ रिश्ते मजबूत करने पर जोर
अफगानिस्तान के साथ संबंधों को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच कई स्तरों पर बातचीत हुई है। भारत और अफगानिस्तान के बीच विकास, व्यापार, सहयोग और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। MEA ने कहा कि अफगानिस्तान के साथ भारत के पुराने संबंध हैं और भविष्य में इन्हें और मजबूत करने की उम्मीद है।
PoK को लेकर नॉर्वे को भारत का जवाब
नॉर्वे के विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ ईडे के जम्मू-कश्मीर से जुड़े बयानों पर भी भारत ने अपना रुख स्पष्ट किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों और आतंकवाद के लिए उसके इस्तेमाल पर ध्यान देने की बात कही।




