फगवाड़ा, 1 अक्टूबर 2026 : लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हुए हिंसक प्रदर्शन-तोड़फोड़ के बाद विश्वविद्यालय के संस्थापक-कुलाधिपति व सांसद अशोक मित्तल ने बड़ा बयान दिया है। LPU में सितंबर के अंतिम सप्ताह में हुए हिंसक प्रदर्शन और तोड़फोड़ के बाद फाउंडर व राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने पूरे मामले पर पहली बार विस्तार से अपनी प्रतिक्रिया दी है। मित्तल ने कैंपस में हुई हिंसा को ‘बड़ी साजिश’ बताते हुए आरोप लगाया है कि इसके जरिए LPU और पंजाब की छवि को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ हिंदू और सिख समुदायों के बीच दरार पैदा करने की पूरी कोशिश की गई है। अशोक मित्तल ने यह भी दावा किया कि छात्रा से कथित दुष्कर्म से जुड़ी सोशल मीडिया पर फैली जानकारी गलत थी। हालांकि इस पूरे मामले को लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी पंजाब पुलिस से विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।

LPU हिंसा के पीछे ‘बड़ी साजिश’ का दावा

सांसद अशोक मित्तल ने कहा कि LPU में जिस तरह से हिंसा और तोड़फोड़ हुई, उसे वह सामान्य छात्र प्रदर्शन नहीं मानते। उन्होंने दावा किया कि इसके पीछे विश्वविद्यालय और पंजाब को बदनाम करने की कोशिश हो सकती है। अशोक मित्तल ने LPU और चितकारा यूनिवर्सिटी में कम अंतराल पर हुए घटनाक्रम का भी जिक्र किया और इसे एक सुनियोजित साजिश से जोड़ते हुए जांच की जरूरत बताई।

हिंदू-सिख एकता पर भी उठाया सवाल

LPU के संस्थापक ने आरोप लगाया कि घटनाक्रम का एक उद्देश्य पंजाब में हिंदू-सिख एकता को प्रभावित करना भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्य में सामाजिक सौहार्द और शांति बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है। हालांकि, यह साजिश किसने रची और इसके पीछे कौन लोग हैं, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

कथित रेप की अफवाह से शुरू हुआ था विवाद

सितंबर के अंतिम सप्ताह में LPU कैंपस में एक छात्रा से कथित यौन हिंसा और बाद में आत्महत्या की सोशल मीडिया पर जानकारी वायरल हुई थी। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया।प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। इस दौरान विश्वविद्यालय कैंपस में भारी तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुईं और जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे भी प्रभावित हुआ। विश्वविद्यालय ने इसके बाद कक्षाएं स्थगित कर दी थीं और परीक्षाओं को भी टाल दिया गया था।

पुलिस जांच और कोर्ट की निगरानी

मामले में पुलिस ने FIR दर्ज की है और जांच के लिए SIT गठित की गई। शुरुआती जांच में कथित घटना की पुष्टि को लेकर सवाल उठे हैं, जबकि मामले से जुड़े अलग-अलग दावे भी सामने आए हैं। तीन छात्राओं के शुरुआती बयानों और बाद में उनके द्वारा लगाए गए अलग आरोपों को लेकर भी विवाद है।पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने 30 सितंबर को पंजाब पुलिस से विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट की रिपोर्ट में कथित घटना के साथ उस सोशल मीडिया पोस्ट की भी जांच शामिल है, जिसे हिंसा भड़कने की शुरुआती वजहों में बताया जा रहा है।

जांच पूरी होने के बाद साफ होगी तस्वीर

अशोक मित्तल ने कहा कि विश्वविद्यालय अपने स्तर पर भी पूरे मामले के सभी पहलुओं की जांच करेगा और जरूरत पड़ने पर सरकार तथा जांच एजेंसियों का सहयोग लिया जाएगा। फिलहाल LPU हिंसा, सोशल मीडिया पर वायरल दावों और कथित यौन हिंसा के मामले में जांच जारी है। इस मामले में साजिश, अफवाह व कथित घटना से जुड़े दावों को जांच के बाद ही निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है।