नई दिल्ली, 25 सितंबर। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को कई शहरों में देखने को मिला। पंजाब, बिहार, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर CEC के इस्तीफे और उन्हें पद से हटाने की मांग की। चंडीगढ़ और पटना में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

चंडीगढ़ में बैरिकेडिंग के बाद वाटर कैनन

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चंडीगढ़ के सेक्टर-17 में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी चुनाव आयोग कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। बैरिकेड पार करने की कोशिश के दौरान पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। प्रदर्शन के दौरान कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की भी खबर है।

पटना और लखनऊ में भी प्रदर्शन

CEC के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का असर बिहार और उत्तर प्रदेश में भी दिखा। पटना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आर ब्लॉक से चुनाव आयोग कार्यालय की ओर मार्च किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। लखनऊ में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधानसभा की ओर मार्च करने की कोशिश की, जहां पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

SIR प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस के सवाल

कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। पंजाब कांग्रेस ने मांग की कि SIR को रोका जाए और आगामी विधानसभा चुनाव मौजूदा मतदाता सूची के आधार पर कराए जाएं। पार्टी नेताओं का कहना है कि मौजूदा प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की आशंका है। ये कांग्रेस के आरोप और मांगें हैं; निर्वाचन आयोग ने SIR और अपने फैसलों का बचाव किया है।

14 आपत्तियों की रिपोर्ट से भी बढ़ी चर्चा

प्रदर्शन के बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने करीब 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों पर कम से कम 14 बार रिकॉर्ड पर आपत्ति दर्ज की। रिपोर्ट में Form-6, मतदाता डेटा और SIR से जुड़े मुद्दों का उल्लेख है। हालांकि, चुनाव आयोग के सूत्रों ने इस रिपोर्ट में बताए गए आंतरिक मतभेदों से इनकार करते हुए कहा कि आयोग के फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से लिए गए थे।

कांग्रेस की मांग क्या है?

कांग्रेस नेताओं ने CEC ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई। वहीं, SIR को लेकर चुनाव आयोग और कांग्रेस के बीच मतभेद के कारण यह मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है।