नई दिल्ली, 13 अगस्त 2026 : पूर्व क्रिकेटर और भाजपा नेता हरभजन सिंह ने आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने की वजह पर खुलकर अपनी रखी है। उन्होंने कहा है कि AAP में उनके सुझावों को गंभीरता से नहीं लिया गया और जिस उद्देश्य से उन्होंने राजनीति में कदम रखा था, वह पूरा नहीं हो रहा था। हरभजन सिंह ने ‘गद्दार’ कहे जाने पर भी सवाल उठाया। सांसद हरभजन सिंह ने कहा कि उन्होंने आखिर किसके साथ विश्वासघात किया ?

AAP में नहीं सुनी गई हरभजन सिंह की बात?

हरभजन सिंह ने एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में बताया कि जब पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उन्हें आम आदमी पार्टी में शामिल होने के लिए कहा था, तब उनका मुख्य उद्देश्य खेलों से जुड़े मुद्दों पर काम करना था। उन्होंने साफ किया था कि वह राजनीति में बहस के लिए नहीं, बल्कि खेलों के क्षेत्र में खास योगदान देने के उद्देश्य से आए हैं। हरभजन सिंह के मुताबिक उन्होंने पार्टी के सामने कई सुझाव भी रखे, लेकिन उन पर अपेक्षित तरीके से ध्यान नहीं दिया गया और उसे नजरअंदाज कर दिया गया।

इसलिए छोड़ी आम आदमी पार्टी ?

हरभजन सिंह के अनुसार अगर उनके सुझावों पर छोटा-सा कदम भी उठाया जाता तो शायद वह AAP छोड़ने का फैसला नहीं लेते, मगर जब उन्हें लगा कि पार्टी में उनके विचारों को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है और उनके राजनीति में आने का मूल उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा, तो उन्होंने पार्टी से अलग होने का निर्णय लिया। पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह को वर्ष 2022 में आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा भेजा था। इसके बाद अप्रैल 2026 में उन्होंने छह अन्य नेताओं के साथ बीजेपी का दामन थाम लिया।

‘गद्दार’ कहे जाने पर हरभजन ने क्या कहा ?

AAP से अलग होने के बाद हरभजन सिंह को पार्टी की ओर से आलोचना का सामना करना पड़ा। उनके जालंधर स्थित घर के बाहर विरोध प्रदर्शन भी हुआ और उनका पुतला जलाया गया। ‘गद्दार’ कहे जाने पर हरभजन सिंह ने सवाल किया कि आखिर उन्होंने किसके साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने कहा कि केवल किसी को ‘गद्दार’ कह देने से वह गद्दार नहीं हो जाता। इसके साथ ही इस पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि उन्हें दूसरों की ओर से दिए गए किसी लेबल की कोई परवाह नहीं है।

पंजाब के युवाओं में बढ़ते नशे पर जताई चिंता

हरभजन सिंह ने पंजाब में नशे की समस्या को लेकर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि नशा सिर्फ पंजाब की समस्या नहीं है, बल्कि जहां भी पहुंचता है, वहां युवाओं को प्रभावित करता है। उन्होंने पंजाब के पुराने खेल इतिहास का जिक्र करते हुए जालंधर के संसरपुर गांव का उदाहरण दिया, जहां से कई हॉकी खिलाड़ी निकले हैं। हरभजन के मुताबिक, नशे की आसान उपलब्धता और इसकी घरों तक पहुंच ने युवाओं को नुकसान पहुंचाया है।

सीमा से लगे राज्य होने पर कही ये बात

राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने कहा कि पंजाब की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए यह समझना जरूरी है कि नशा राज्य में पहुंच कैसे रहा है। उन्होंने नशे की सप्लाई रोकने के लिए सख्त कदम उठाने और प्रभावी कानून लागू करने की जरूरत पर जोर दिया। उनका कहना है कि नशे का असर सिर्फ युवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे परिवार भी प्रभावित होते हैं।