नई दिल्ली, 13 अगस्त 2026 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक संस्कृत सुभाषित साझा किया। इस श्लोक के जरिए उन्होंने दृढ़ संकल्प, पुरुषार्थ, मेहनत और निरंतर प्रयास की अहमियत बताई। पीएम मोदी का संदेश है कि इंसान अगर विपरीत परिस्थितियों के सामने हार न माने और लगातार प्रयास करता रहे, तो मुश्किल हालात को भी अपने पक्ष में बदला जा सकता है।
पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर संस्कृत में लिखा—
“दैवं पुरुषकारेण यः समर्थः प्रबाधितुम्।
न दैवेन विपन्नार्थः पुरुषः सोऽवसीदति॥”
क्या है संस्कृत श्लोक का अर्थ?
इस श्लोक का भावार्थ है कि जो व्यक्ति अपने दृढ़ संकल्प, अथक परिश्रम और पुरुषार्थ से प्रतिकूल परिस्थितियों को भी अनुकूल बनाने में सक्षम होता है, वह जीवन की बाधाओं से कभी पराजित नहीं होता। ऐसे व्यक्ति के लिए मुश्किलें रुकावट बनने के बजाय आगे बढ़ने की प्रेरणा बन जाती हैं। पीएम मोदी के इस संदेश में लगातार प्रयास करते रहने और परिस्थितियों के आगे हार नहीं मानने पर जोर दिया गया है।
युवाओं को बताया था देश की सबसे बड़ी शक्ति
प्रधानमंत्री मोदी ने इससे एक दिन पहले भी ‘एक्स’ पर संस्कृत सुभाषित साझा किया था। उन्होंने युवाओं को देश का भविष्य ही नहीं, बल्कि वर्तमान की सबसे बड़ी शक्ति भी बताया था। उन्होंने कहा था कि देश के युवा अपनी संवेदनशीलता, सेवाभाव और सामर्थ्य के जरिए देश और दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बना रहे हैं।
सद्गुणों को लेकर भी शेयर किया था श्लोक
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने मनुष्य के व्यक्तित्व को बेहतर बनाने वाले गुणों पर भी संस्कृत श्लोक साझा किया था। इसमें बुद्धि, सदाचार, संयम, ज्ञान, पराक्रम, बहुभाषिता, दान और कृतज्ञता को महत्वपूर्ण गुण बताया गया। इस तरह पीएम मोदी के हालिया सोशल मीडिया संदेशों में लगातार मेहनत, आत्मविश्वास, अच्छे आचरण, युवाओं की शक्ति और सकारात्मक सोच पर जोर देखने को मिल रहा है।




