नई दिल्ली, 13 अगस्त 2026 : एअर इंडिया की फुकेट से दिल्ली आ रही फ्लाइट AI 2379 में पिछले सप्ताह हुए गंभीर टर्बुलेंस की जांच अब तेज हो गई है। एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। अब जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर विमान को हवा में इतने तेज झटके क्यों लगे और घटना के पीछे वास्तविक वजह क्या थी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, जांच में 20 से ज्यादा अहम सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। घटना के दौरान विमान करीब 300 सेकेंड तक तेज झटकों से प्रभावित रहा। जांच के दौरान विमान में मौजूद यात्रियों से भी घटना से जुड़ी जानकारी ली जा सकती है।

AI 2379 फ्लाइट में आखिर क्या हुआ ?

फुकेट-दिल्ली फ्लाइट के दौरान विमान को अचानक तेज टर्बुलेंस का सामना करना पड़ा था। इस दौरान यात्रियों को काफी परेशानी हुई और कई लोग अपनी सीटों से उछल गए। विशेषज्ञों के मुताबिक टर्बुलेंस के दौरान अगर सीट बेल्ट नहीं बंधी हो तो यात्री विमान के अंदर ऊपर की ओर उछल सकते हैं और ओवरहेड बिन या अन्य हिस्सों से टकरा सकते हैं।

जांच टीम के सामने 20 से ज्यादा सवाल

AAIB की जांच में उड़ान से पहले की सभी निर्धारित प्रक्रियाओं को खंगाला जा रहा है। इसमें पायलटों की प्री-फ्लाइट जांच, चेकलिस्ट, विमान की तकनीकी स्थिति, सुरक्षा उपकरण, ईंधन, वजन व संतुलन मौसम की स्थिति और फ्लाइट प्लान की जांच शामिल है। इसके अलावा विमान के मेंटेनेंस रिकॉर्ड और फ्लाइट क्रू की ड्यूटी व आराम से जुड़े नियमों का पालन हुआ था या नहीं इसकी भी जांच की जा रही है।

विमान की आखिरी तकनीकी जांच भी जांच के घेरे में

चूंकि AI 2379 ने फुकेट से उड़ान भरी थी, इसलिए जांच टीम यह भी पता लगाएगी कि उड़ान से पहले विमान की अंतिम तकनीकी जांच कहां और किसके द्वारा की गई थी। जांच में यह देखा जाएगा कि विमान में पहले से दर्ज तकनीकी खराबियों को ठीक किया गया था या नहीं, जरूरी तकनीकी निर्देशों का पालन हुआ या नहीं और उड़ान के लिए विमान को किस अधिकृत मेंटेनेंस इंजीनियर ने मंजूरी दी थी।

क्या यात्रियों से भी होगी पूछताछ?

जांच में कोई भी महत्वपूर्ण पहलू छूट न जाए, इसके लिए विमान में मौजूद यात्रियों से भी घटना को लेकर सवाल पूछे जा सकते हैं। यात्रियों से यह जानने की कोशिश हो सकती है कि टर्बुलेंस शुरू होने से पहले विमान की स्थिति कैसी थी, झटके कितनी देर तक महसूस हुए और घटना के दौरान विमान के अंदर क्या स्थिति बनी। उनके बयान जांच टीम के लिए घटनाक्रम को समझने में मददगार हो सकते हैं।

पायलट के डोप टेस्ट की रिपोर्ट भी चर्चा में

घटना की प्रारंभिक जांच के दौरान पायलट के डोप टेस्ट को लेकर भी रिपोर्ट सामने आई है। हालांकि, विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि किसी घटना के वास्तविक कारण का निष्कर्ष केवल एक पहलू के आधार पर नहीं निकाला जा सकता। विशेषज्ञों के अनुसार, विमानन दुर्घटनाओं या घटनाओं की जांच में मानवीय पहलू, मौसम, तकनीकी स्थिति और संचालन संबंधी प्रक्रियाओं समेत कई पहलुओं को देखा जाता है।

खराब मौसम में कितना नीचे आ सकता है विमान?

विमानन विशेषज्ञ रतन अंभोरे के मुताबिक एयर पॉकेट या तेज टर्बुलेंस की स्थिति में विमान अचानक नीचे की ओर जा सकता है। सीट बेल्ट नहीं लगी होने पर यात्रियों के घायल होने का खतरा बढ़ जाता है। कुछ परिस्थितियों में खराब मौसम और एयरफ्लो में बदलाव के कारण विमान की ऊंचाई में तेजी से बदलाव हो सकता है। हालांकि, इस मामले में वास्तविक कारण AAIB की अंतिम जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।

अंतिम रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल जांच एजेंसी विमान की तकनीकी स्थिति, मौसम, क्रू प्रक्रियाओं, मेंटेनेंस रिकॉर्ड और घटना के दौरान की परिस्थितियों समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है। इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि AI 2379 में हुए टर्बुलेंस की मुख्य वजह क्या थी। जांच पूरी होने और अंतिम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों की तस्वीर साफ होगी।