कोलकाता, 18 सितंबर। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के संगठनात्मक विवाद के बीच चुनाव आयोग ने पार्टी के आधिकारिक नाम ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और पारंपरिक ‘जोड़ाफूल’ (Flowers & Grass) चुनाव चिन्ह को अंतरिम तौर पर फ्रीज कर दिया है। इसके बाद ममता बनर्जी और अरूप रॉय-रीतब्रत बनर्जी से जुड़े दोनों गुटों को उपचुनाव के लिए अलग नाम और चुनाव चिन्ह चुनने की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। बाद में आयोग ने दोनों पक्षों के लिए अस्थायी नाम और प्रतीक तय कर दिए।

ममता गुट ने भेजे थे नाम और प्रतीक के विकल्प

चुनाव आयोग के निर्देश के बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने गुरुवार रात 11:36 बजे अपना जवाब भेजा। सूत्रों के अनुसार, गुट ने तीन वैकल्पिक नामों में ममता बनर्जी का नाम शामिल रखने का प्रस्ताव दिया था। प्रतीक के लिए फुटबॉल खिलाड़ी और क्रिकेट बैट जैसे विकल्प दिए गए थे। जवाब आयोग को “कड़े विरोध” के साथ भेजे जाने की बात भी सामने आई।

रीतब्रत गुट ने दिए ये विकल्प

अरूप रॉय गुट, जिसका प्रतिनिधित्व रीतब्रत बनर्जी कर रहे हैं, ने ‘जातीयतावादी तृणमूल कांग्रेस’ और ‘गणतांत्रिक तृणमूल कांग्रेस’ जैसे नाम सुझाए। प्रतीकों के लिए ब्लैकबोर्ड, लिफाफा और मशाल के विकल्प दिए गए थे। चुनाव आयोग ने बाद में इसी गुट के लिए ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ प्रतीक आवंटित किया।

ममता गुट को मिला फुटबॉल खिलाड़ी का चिन्ह

चुनाव आयोग के शुक्रवार के आवंटन के अनुसार ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट का नाम ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ रखा गया और उसे ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ प्रतीक दिया गया। आयोग का यह अंतरिम प्रबंध आगामी उपचुनावों के लिए है और मूल नाम व प्रतीक पर अंतिम फैसला बाद में होगा।

6 अक्टूबर के उपचुनाव से पहले बड़ा बदलाव

पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है। चुनाव आयोग ने कहा है कि मूल नाम और ‘जोड़ाफूल’ चिन्ह पर विवाद का अंतिम निपटारा होने तक दोनों गुट अलग पहचान के साथ चुनाव लड़ेंगे।