नई दिल्ली, 13 अगस्त 2026 : पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले बेहद अहम चिकन नेक यानी सिलीगुड़ी कॉरिडोर में रेलवे कनेक्टिविटी को और मजबूत करने की तैयारी है। भारतीय रेलवे ने इस महत्वपूर्ण सेक्शन में चौथी रेल लाइन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा बागडोगरा तक करीब 29 किलोमीटर लंबे अंडरग्राउंड डबल लाइन प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है।
चिकन नेक कॉरिडोर में अब चौथी रेल लाइन
नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे के जनरल मैनेजर चेतन कुमार श्रीवास्तव ने कटिहार में रेलवे से जुड़े प्रोजेक्ट्स की जानकारी देते हुए बताया कि पहले इस सेक्शन में तीसरी रेल लाइन का प्रस्ताव था, लेकिन अब चौथी लाइन को भी मंजूरी मिल गई है। यह रेल सेक्शन रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसी रास्ते से पूर्वोत्तर राज्यों का संपर्क देश के बाकी हिस्सों से बना हुआ है।
बागडोगरा तक अंडरग्राउंड डबल लाइन प्रोजेक्ट
चिकन नेक कॉरिडोर में रेलवे क्षमता बढ़ाने के लिए करीब 29 किलोमीटर लंबे अंडरग्राउंड डबल लाइन प्रोजेक्ट पर भी काम किया जा रहा है। यह प्रोजेक्ट बागडोगरा तक प्रस्तावित है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद इस पूरे क्षेत्र में रेल नेटवर्क की क्षमता और परिचालन व्यवस्था में बड़ा सुधार हो सकता है।
क्यों खास है सिलीगुड़ी कॉरिडोर ?
सिलीगुड़ी कॉरिडोर को आमतौर पर चिकन नेक कहा जाता है। यह उत्तर बंगाल का संकरा भू-भाग है, जो पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है। भौगोलिक स्थिति और सीमावर्ती इलाकों से नजदीकी के कारण इस कॉरिडोर का महत्व केवल यात्री और माल परिवहन तक सीमित नहीं है। रणनीतिक और सुरक्षा के लिहाज से भी यह भारत के लिए बेहद अहम क्षेत्र है। इसी वजह से रेलवे यहां ट्रैक क्षमता बढ़ाने, डबलिंग और नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर लगातार काम कर रहा है।
बारसोई सेक्शन में भी तेजी से चल रहा काम
रेलवे के मुताबिक, बारसोई सेक्शन में भी दोहरीकरण का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ पूर्वोत्तर की कनेक्टिविटी को अधिक मजबूत बनाना है।
पूर्वोत्तर में बढ़ेंगी वंदे भारत सेवाएं
नॉर्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे के जीएम के मुताबिक, वंदे भारत ट्रेन सेवाओं को गुवाहाटी से आगे तिनसुकिया और अगरतला तक बढ़ाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इससे पूर्वोत्तर के यात्रियों को तेज और आधुनिक रेल सेवा मिलने की उम्मीद है।
कटिहार डिविजन में 42 नई ट्रेनें और 250 स्टॉपेज
कटिहार डिविजन में रेलवे की ओर से कई अन्य घोषणाएं भी की गई हैं। अधिकारियों के अनुसार, डिविजन में 42 नई ट्रेनें शुरू की गई हैं और यात्रियों की सुविधा के लिए करीब 250 नए स्टॉपेज बनाए गए हैं। न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन के विकास का काम भी जारी है, जिसे अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य बताया गया है। इसके अलावा जोगबनी, राधिकापुर और बालुरघाट से नई लोकल ट्रेन सेवाएं शुरू करने की कोशिश भी चल रही है।




