इंदौर, 19 सितंबर 2026 : कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार यानी 19 सितंबर को इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में युवाओं और छात्रों से विशेष संवाद करेंगे। यह कार्यक्रम Regional Park के सामने स्थित IDA मैदान में आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं, पेपर लीक, रोजगार और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों पर छात्रों के मन की बात सुनी जाएगी। यह ‘छात्रों की गूंज’ अभियान का पांचवां आयोजन है। मालूम हो कि इससे पहले यह कार्यक्रम कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में आयोजित किया जा चुका है।
दोपहर में इंदौर पहुंचेंगे राहुल गांधी
रिपोर्टों के मुताबिक कांग्रेस नेता राहुल गांधी शनिवार को करीब दोपहर दो बजे इंदौर पहुंचेंगे। और शाम करीब 5:30 बजे वह कार्यक्रम स्थल पर छात्रों से संवाद करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को अपनी शिक्षा, परीक्षा और रोजगार से जुड़ी समस्याओं को सीधे सामने रखने का मंच देना बताया गया है।
किन मुद्दों पर होगी चर्चा ?
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों के सामने आने वाले कई प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की जा सकती है। इनमें शामिल हैं—
- शिक्षा व्यवस्था में सुधार
- प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया
- पेपर लीक और परीक्षा में अनियमितताएं
- रोजगार और बेरोजगारी
- भर्ती परीक्षाओं में देरी
- परीक्षा प्रणाली और छात्रों पर दबाव
- युवाओं के भविष्य से जुड़े सवाल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस कार्यक्रम के जरिए छात्रों को अपनी समस्याएं और उनके सामने आने वाली बाधाएं साझा करने का निमंत्रण दिया है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन का दावा
कांग्रेस की ओर से कार्यक्रम के लिए बड़ी संख्या में छात्रों के रजिस्ट्रेशन का दावा किया गया है। हालांकि, कांग्रेस का दावा और प्रशासन को दी गई संभावित उपस्थिति का आंकड़ा अलग-अलग बताया गया है, इसलिए दोनों आंकड़ों को अलग-अलग संदर्भ में देखना जरूरी है। इससे पहले मीडिया रिपोर्टों में कार्यक्रम के लिए एक लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन का कांग्रेस दावा सामने आया था।
कार्यक्रम स्थल को लेकर बदला गया था प्लान
राहुल गांधी के इंदौर कार्यक्रम को पहले 12 सितंबर को आयोजित किया जाना था। बाद में आयोजन स्थल उपलब्ध नहीं होने के कारण इसकी तारीख बदलकर 19 सितंबर कर दी गई। कांग्रेस ने पहले नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम कराने की कोशिश की थी, लेकिन बाद में Regional Park के सामने IDA मैदान को कार्यक्रम स्थल बनाया गया। इस कार्यक्रम के लिए प्रशासन की ओर से कई शर्तें भी तय की गई हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक आयोजन की अनुमति के साथ 31 शर्तें रखी गई हैं, जिनमें मंच, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े निर्देश शामिल हैं।
युवाओं पर क्यों है फोकस ?
‘छात्रों की गूंज’ के जरिए कांग्रेस शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर युवाओं से सीधा संवाद करने की कोशिश कर रही है। कार्यक्रम को केवल भाषण के बजाय छात्रों की समस्याएं सुनने और उनके सवालों को सामने लाने वाले मंच के रूप में पेश किया गया है। हाल के वर्षों में पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में देरी, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और रोजगार जैसे मुद्दे युवा वर्ग के बीच चर्चा में रहे हैं। ऐसे में इंदौर कार्यक्रम में छात्रों की ओर से उठाए जाने वाले सवालों पर राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर नजर रहेगी।
प्रधानमंत्री मोदी के ‘झूठ की गूंज’ वाले बयान भी चर्चा में
इस कार्यक्रम से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विभिन्न कार्यक्रमों में इस्तेमाल किए गए ‘झूठ की गूंज’ वाले वाक्यांश को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी हुई है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टिंग के अनुसार इन बयानों में प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी या ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का सीधे नाम नहीं लिया था। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और भाजपा नेताओं की ओर से अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
‘छात्रों की गूंज’ के जरिए छात्रों से सीधा संवाद
राहुल गांधी का इंदौर कार्यक्रम ऐसे समय हो रहा है जब राजनीतिक दल युवाओं और छात्रों से जुड़े शिक्षा, रोजगार और परीक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर सक्रिय हैं। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि इंदौर में छात्र राहुल गांधी के सामने कौन-कौन से सवाल उठाते हैं और कार्यक्रम में शिक्षा, रोजगार तथा प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर क्या चर्चा होती है।




