नई दिल्ली, 9 सितंबर 2026 : भारत में होने वाले BRICS Summit 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस भी इस सप्ताह भारत में आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। उनके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने की भी उम्मीद है। इस सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई देशों के नेता शामिल होंगे। गुटेरेस के लिए यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि संयुक्त राष्ट्र महासचिव के तौर पर उनका कार्यकाल अब अंतिम चरण में है। ऐसे में भारत में होने वाला ब्रिक्स सम्मेलन उनके लिए पीएम मोदी के साथ-साथ पुतिन और शी जिनपिंग से मुलाकात का एक महत्वपूर्ण अवसर हो सकता है। पीएम मोदी व गुटरेस के बीच इस अहम मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजर है।

दूसरी बार भारत आएंगे गुटेरेस

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस इस साल दूसरी बार भारत पहुंचेंगे। इससे पहले उन्होंने फरवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित India-AI Impact Summit में हिस्सा लिया था। महासचिव के तौर पर यह उनकी भारत की पांचवीं यात्रा होगी। गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने बताया कि उनकी भारत यात्रा की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन ब्रिक्स सम्मेलन में उनकी मौजूदगी की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात भी संभावित है।

ईरान और यूक्रेन युद्ध का भी रहेगा असर

12 और 13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन के एजेंडे पर वैश्विक संघर्षों का असर भी दिखाई दे सकता है। खास तौर पर ईरान संघर्ष और यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों को लेकर चिंता बढ़ी है। इस सम्मेलन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और संयुक्त अरब अमीरात के नेताओं के भी शामिल होने की उम्मीद है। ऐसे समय में ब्रिक्स देशों के बीच क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

BRICS में क्या रहेगा भारत का एजेंडा ?

भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें BRICS Summit की मेजबानी करेगा। सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य देशों के अलावा साझेदार और आमंत्रित देशों के नेता भी हिस्सा लेंगे। भारत ने अपनी ब्रिक्स अध्यक्षता के लिए “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” थीम तय की है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘ह्यूमैनिटी फर्स्ट’ की सोच के अनुरूप जन-केंद्रित और सहयोग आधारित दृष्टिकोण को दर्शाती है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक सम्मेलन के दौरान ब्रिक्स देशों के नेता संगठन के भीतर सहयोग को मजबूत करने, साझा प्राथमिकताओं पर चर्चा करने और वैश्विक एवं क्षेत्रीय मुद्दों पर विचार साझा करेंगे। भारत की अध्यक्षता के दौरान 350 से ज्यादा बैठकें और उच्चस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इनका फोकस मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों पर रहा है-राजनीतिक एवं सुरक्षा सहयोग, आर्थिक एवं वित्तीय साझेदारी और सांस्कृतिक एवं जन-से-जन संपर्क। ऐसे में दिल्ली में होने वाला BRICS Summit 2026 भारत के लिए अपनी कूटनीतिक प्राथमिकताओं को मजबूती से सामने रखने और वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका को और प्रभावी बनाने का अहम अवसर माना जा रहा है।