नई दिल्ली | 16 जुलाई 2026
जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार के पैरोकार सोनम वांगचुक की तबीयत अब चिंता का विषय बनती जा रही है। गुरुवार को उनकी भूख हड़ताल का 19वां दिन है। लगातार उपवास के कारण उनका स्वास्थ्य प्रभावित हुआ है और डॉक्टर 24 घंटे उनकी निगरानी कर रहे हैं। वांगचुक ने खुद भी स्वीकार किया है कि वह पूरी तरह स्वस्थ महसूस नहीं कर रहे हैं, हालांकि उनकी स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है।
वीडियो संदेश में कही यह बात
बुधवार देर रात जारी एक वीडियो संदेश में सोनम वांगचुक ने कहा, "मैं पूरी तरह ठीक नहीं हूं, लेकिन मेरी हालत इतनी भी खराब नहीं है।" उन्होंने बताया कि डॉक्टर नियमित रूप से उनका स्वास्थ्य परीक्षण कर रहे हैं। वांगचुक फिलहाल नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं।
19 दिनों में करीब 9 किलो वजन हुआ कम
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, 59 वर्षीय सोनम वांगचुक का वजन घटकर 57.15 किलोग्राम रह गया है। पिछले 24 घंटों में उनका वजन 400 ग्राम कम हुआ है। भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से अब तक उनका कुल वजन लगभग 8.9 किलोग्राम घट चुका है।
डॉक्टरों ने क्या कहा?
मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, सोनम वांगचुक का ब्लड प्रेशर 105/76 mmHg, ब्लड शुगर 80 mg/dL और ऑक्सीजन स्तर 97 प्रतिशत दर्ज किया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि वह मानसिक रूप से पूरी तरह सतर्क हैं, लेकिन लंबे समय से जारी भूख हड़ताल को देखते हुए उनकी लगातार निगरानी जरूरी है। फिलहाल उनकी सेहत पर डॉक्टरों की विशेष नजर बनी हुई है।




