नई दिल्ली, 25 सितंबर। हिंदू पंचांग में भाद्रपद मास की पूर्णिमा का विशेष धार्मिक महत्व बताया गया है। इस साल भाद्रपद पूर्णिमा 26 सितंबर 2026, शनिवार को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन पूजा-पाठ, मंत्र जाप, ध्यान और दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है। इस दिन जरूरतमंदों को कुछ विशेष चीजों का दान करने की भी परंपरा है।
अन्न का दान माना जाता है शुभ
धार्मिक परंपरा में अन्नदान को महत्वपूर्ण दानों में शामिल किया गया है। पूर्णिमा के दिन जरूरतमंद लोगों को भोजन या अनाज दान किया जा सकता है। अपनी क्षमता के अनुसार चावल, गेहूं, दाल और अन्य खाद्य सामग्री का दान करने की परंपरा है। इसे सेवा और परोपकार से जोड़कर देखा जाता है।
शंख का दान
शंख का संबंध भगवान विष्णु की पूजा से माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूर्णिमा के दिन शंख का दान करना शुभ हो सकता है। हालांकि शंख से सकारात्मक ऊर्जा या किसी विशेष लाभ से जुड़ी बातें धार्मिक आस्था पर आधारित हैं, इन्हें वैज्ञानिक तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
चांदी का दान
ज्योतिषीय परंपराओं में चांदी का संबंध चंद्रमा से माना जाता है। इसी वजह से कुछ ज्योतिषाचार्य पूर्णिमा के दिन चांदी का दान करने की सलाह देते हैं। सामर्थ्य के अनुसार चांदी का सिक्का या छोटी चांदी की वस्तु दान की जा सकती है।
कौड़ियों का दान
कौड़ियों को कई धार्मिक परंपराओं में माता लक्ष्मी और धन-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि पूर्णिमा के दिन कौड़ियों का दान शुभ होता है। हालांकि इससे आर्थिक लाभ मिलने जैसी बातों को धार्मिक विश्वास के रूप में ही देखना चाहिए।
पूर्णिमा पर करें ये शुभ काम
भाद्रपद पूर्णिमा के दिन स्नान, पूजा, व्रत, कथा-श्रवण और मंत्र जाप करने की परंपरा है। जरूरतमंदों को भोजन कराना, गरीबों की मदद करना और अपनी क्षमता के अनुसार दान करना भी इस दिन के प्रमुख धार्मिक कार्यों में शामिल माना जाता है। धार्मिक दृष्टि से यह दिन सेवा, दया और परोपकार के भाव को अपनाने का अवसर माना जाता है।




