नॉर्थ लखीमपुर, 13 अगस्त 2026 : असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच अंतर-राज्यीय सीमा विवाद को लेकर तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। आर्थिक नाकेबंदी के दूसरे दिन प्रदर्शनकारियों और अरुणाचल प्रदेश के कुछ लोगों के बीच झड़प हो गई। हालांकि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। घटना के बाद दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने लोगों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है। मगर अब तक दोनों सरकार को इसमें सफलता नहीं मिली है।

आर्थिक नाकेबंदी के दौरान हुआ विवाद

असम के मिसिंग समुदाय के प्रमुख छात्र संगठन ताकम मिसिंग पोरिन केबांग (TMPK) और अन्य स्थानीय संगठनों ने बुधवार से अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी शुरू कर दी। संगठनों का आरोप है कि सीमा क्षेत्र में हुई कथित गोलीबारी में असम के 12 मूल निवासी घायल हो गए थे। इसी घटना के विरोध में नाकेबंदी का आह्वान किया गया है। इस नाकेबंदी के दौरान अरुणाचल प्रदेश आने-जाने वाले वाहनों को एंट्री पॉइंट्स पर रोका गया। हालांकि, आपातकालीन और स्कूल वाहनों को इससे छूट दी गई। मगर आम लोगों को काफी परेशानी हुई और वे लोग परेशान दिखे।

पत्थरबाजी के बाद बढ़ा तनाव

एक अधिकारी के मुताबिक नाकेबंदी के दौरान अरुणाचल प्रदेश के कुछ लोगों ने असम के प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर पत्थर फेंके। इसमें कुछ लोगों को मामूली चोटें आईं। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हवा में गोली चलाई। इस गोलीबारी में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।

सोमवार की घटना के बाद शुरू हुआ विवाद

यह पूरा विवाद सोमवार को धेमाजी जिले में अंतर-राज्यीय सीमा के पास हुई कथित गोलीबारी के बाद शुरू हुआ। जमीन पर कब्जे के मुद्दे को लेकर हुई इस घटना में असम के 12 लोग घायल हुए थे। इसके बाद मिसिंग समुदाय से जुड़े कई संगठनों ने विरोध प्रदर्शन और आर्थिक नाकेबंदी का फैसला लिया।

प्रदर्शनकारियों की क्या हैं मांगें ?

नाकेबंदी का समर्थन कर रहे संगठनों की प्रमुख मांगों में असम-अरुणाचल सीमा विवाद का जल्द समाधान, कथित गोलीबारी के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और असम की जमीन पर कथित कब्जे को हटाना शामिल है। संगठनों का कहना है कि सीमा विवाद को लंबे समय तक लंबित रखने के बजाय दोनों राज्यों की सरकारों को इसका स्थायी समाधान निकालना चाहिए।

सीएम ने की शांति की अपील

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने तनाव के बीच लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राज्यों की सीमाएं लोगों के दिलों को अलग नहीं कर सकतीं। उन्होंने विवाद को बातचीत और आपसी समझ के जरिए सुलझाने पर जोर दिया।

पेमा खांडू ने भी लोगों से संयम बरतने को कहा

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने भी दोनों राज्यों के लोगों से शांति, सद्भाव और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के सकारात्मक और भरोसा दिलाने वाले बयान का स्वागत भी किया। सीएम खांडू ने कहा कि असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच इतिहास, दोस्ती और भाईचारे का बहुत गहरा रिश्ता है और मतभेदों को बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाना चाहिए।

अब आगे क्या ?

सीमा पर तनाव और आर्थिक नाकेबंदी के बीच दोनों राज्यों की सरकारों के सामने स्थिति को सामान्य करने की चुनौती है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव को रोकना है।