नई दिल्ली, 25 सितंबर। देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 25 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ इलाकों में भारी और बहुत भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण ओडिशा और उससे सटे दक्षिण छत्तीसगढ़ के ऊपर बना डिप्रेशन धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है, लेकिन इसके प्रभाव से मध्य और पूर्वी भारत में बारिश जारी रहने की संभावना है।
उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में बारिश का जोर
उत्तराखंड में 25 से 28 सितंबर तक बारिश का अनुमान है। 26 सितंबर को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 27 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट है। पश्चिमी यूपी में भी 25 से 27 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
दिल्ली-NCR, हरियाणा में भी बदलेगा मौसम
दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 26 और 27 सितंबर को बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं भी चल सकती हैं। IMD ने इन क्षेत्रों के लिए 26 और 27 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
छत्तीसगढ़ और मध्य भारत में भारी बारिश
डिप्रेशन के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में 25 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में भी बारिश का दौर बना रहेगा। ओडिशा में 25 सितंबर को बहुत भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी है, जबकि 26 सितंबर को भी भारी बारिश हो सकती है।
बिहार-झारखंड में भी बारिश की संभावना
बिहार में 25 सितंबर को बहुत भारी बारिश और 26 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी है। इसके बाद IMD के सात-दिवसीय उपखंड पूर्वानुमान में 27 सितंबर से 1 अक्टूबर तक कोई विशेष चेतावनी नहीं है। झारखंड और आसपास के पूर्वी हिस्सों में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है।
पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी अलर्ट
25 सितंबर को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा पूर्वोत्तर राज्यों में भी अलग-अलग दिनों में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है।
दक्षिण भारत में भी बारिश जारी
तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश में तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग के स्थानीय अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।




