नई दिल्ली, 10 सितंबर 2026 : गैंगस्टर अबू सलेम को 25 साल जेल की सजा पूरी होने के बाद तत्काल रिहाई की उम्मीद थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसकी याचिका खारिज कर दी है। सलेम ने भारत-पुर्तगाल प्रत्यर्पण समझौते की शर्तों का हवाला देते हुए जेल से रिहाई की मांग की थी। इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट भी उसकी तत्काल रिहाई की मांग को खारिज कर चुका था। गुरुवार को जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने अबू सलेम की याचिका पर फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के अप्रैल में दिए आदेश को बरकरार रखते हुए सलेम की याचिका खारिज कर दी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के विस्तृत फैसले का इंतजार है।

25 साल जेल पूरी होने का दिया था हवाला

गैंगस्टर अबू सलेम ने अपनी याचिका में दावा किया था कि वह भारत में 25 साल जेल की अवधि पूरी कर चुका है। उसका कहना था कि पुर्तगाल से भारत प्रत्यर्पण के दौरान दोनों देशों के बीच कुछ शर्तों पर सहमति बनी थी और उन शर्तों के तहत उसे 25 साल से ज्यादा जेल में नहीं रखा जा सकता। इसी आधार पर सलेम ने अदालत से तत्काल रिहाई की मांग की थी।

प्रत्यर्पण के समय क्या थी 25 साल की शर्त ?

गैंगस्टर अबू सलेम के प्रत्यर्पण के दौरान भारत और पुर्तगाल के बीच कुछ महत्वपूर्ण शर्तों पर सहमति बनी थी। इनमें प्रमुख रूप से यह शर्त शामिल थी कि सलेम को भारत में मौत की सजा नहीं दी जाएगी।इसके अलावा उसकी जेल की अवधि को लेकर भी 25 साल की सीमा का प्रावधान बताया गया था। अबू सलेम ने अपनी रिहाई की मांग में इसी शर्त को मुख्य आधार बनाया था।

बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी खारिज की थी मांग

गैंगस्टर अबू सलेम की तत्काल रिहाई की मांग को पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया था। हाईकोर्ट ने उसकी याचिका को समय से पहले और गलत आधार पर दायर माना था। इसके बाद अबू सलेम ने हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। अब सुप्रीम कोर्ट ने भी गैंगस्टर अबू सलेम की याचिका खारिज कर दी है।

1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामले में दोषी है अबू सलेम

गैंगस्टर अबू सलेम को 1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट मामले में दोषी ठहराया गया है। उसे पुर्तगाल से भारत लाने के लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया चली थी। आखिरकार 11 नवंबर 2005 को उसका भारत प्रत्यर्पण किया गया। भारत आने के बाद से सलेम अलग-अलग मामलों में कानूनी कार्रवाई और सजा का सामना करता रहा है। प्रत्यर्पण के दौरान भारत और पुर्तगाल के बीच तय शर्तों को लेकर वह लगातार अदालतों का रुख करता रहा है।

अभी जेल से बाहर नहीं आएगा अबू सलेम

सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद फिलहाल गैंगस्टर अबू सलेम की तत्काल रिहाई का रास्ता बंद हो गया है। इस तरह शीर्ष कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट का विस्तृत आदेश अभी सामने नहीं आया है। विस्तृत फैसला जारी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि शीर्ष अदालत ने सलेम की 25 साल वाली दलील को किस कानूनी आधार पर खारिज किया है।