पटना, 8 सितंबर 2026 : बिहार और सिलीगुड़ी के बीच सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में बागडोगरा से बिहार के गलगलिया तक फोरलेन हाईवे विकसित करने की योजना को अपनी मंजूरी दे दी है। करीब ₹2,077.18 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना से संवेदनशील माने जाने वाले चिकन नेक क्षेत्र में एक वैकल्पिक और बेहतर सड़क मार्ग तैयार होने की उम्मीद है।

31.02 किलोमीटर लंबा होगा फोरलेन हाईवे

प्रस्तावित फोरलेन सड़क की कुल लंबाई करीब 31.02 किलोमीटर होगी। यह मार्ग पश्चिम बंगाल के बागडोगरा से शुरू होकर पानीटंकी और खारीबारी होते हुए बिहार के गलगलिया तक पहुंचेगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस परियोजना की जानकारी साझा की है। उन्होंने कहा है कि इस परियोजना से कई राज्यों को एक साथ फायदा होगा और एक-दूसरे राज्यों के बीच यात्रा भी सुगम होगी।

NH-27 के समानांतर मिलेगा नया रूट

इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसका वैकल्पिक रूट होना है। प्रस्तावित फोरलेन हाईवे को मौजूदा NH-27 के समानांतर विकसित किया जाएगा। दोनों मार्गों के बीच करीब 20 से 30 किलोमीटर की दूरी रहने की बात कही गई है। नया मार्ग तैयार होने के बाद बिहार और सिलीगुड़ी के बीच आने-जाने वाले लोगों को एक अतिरिक्त सड़क विकल्प मिल सकेगा। इससे मौजूदा मार्ग पर यातायात का दबाव कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

तीन बड़े पुल और एलिफेंट अंडरपास बनेंगे

परियोजना के तहत सड़क के साथ कई महत्वपूर्ण संरचनाएं भी तैयार की जाएंगी। इसमें तीन बड़े पुल, एक ओवरब्रिज और पांच एलिफेंट अंडरपास शामिल हैं। एलिफेंट अंडरपास का उद्देश्य सड़क से गुजरने वाले वन्यजीवों, खासकर हाथियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। हाईवे के दोनों ओर सर्विस लेन बनाए जाने का भी प्रावधान है।

चिकन नेक की कनेक्टिविटी होगी मजबूत

सिलीगुड़ी का चिकन नेक क्षेत्र रणनीतिक और भौगोलिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। देश के पूर्वोत्तर राज्यों को शेष भारत से जोड़ने में इस कॉरिडोर की अहम भूमिका है। ऐसे में बिहार के गलगलिया से सिलीगुड़ी क्षेत्र तक नया फोरलेन मार्ग तैयार होने से इस महत्वपूर्ण इलाके में सड़क कनेक्टिविटी का एक अतिरिक्त विकल्प विकसित होगा।

सड़क के साथ रेल कनेक्टिविटी पर भी जोर

सिलीगुड़ी क्षेत्र में कनेक्टिविटी मजबूत करने की योजना केवल सड़क तक सीमित नहीं है। करीब 35 किलोमीटर लंबी भूमिगत रेलवे लाइन की योजना भी सामने आई है। इस प्रस्तावित रेल रूट के तहत गोरखपुर, रक्सौल, सीतामढ़ी, दरभंगा, सरायगढ़, फारबिसगंज, अररिया और ठाकुरगंज जैसे इलाकों को सिलीगुड़ी और आगे गुवाहाटी से जोड़ने की योजना बताई गई है। अगर सड़क और रेल दोनों परियोजनाएं आगे बढ़ती हैं, तो बिहार से सिलीगुड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों तक कनेक्टिविटी नेटवर्क को और मजबूती मिल सकती है।