मुंबई, 20 सितंबर। ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ के मंच पर अमिताभ बच्चन ने अपने फिल्मी करियर के उस दौर का दिलचस्प किस्सा साझा किया, जब कलाकारों को एक साथ कई फिल्मों में काम करना पड़ता था। शो में आए वरुण ग्रोवर ने अमिताभ बच्चन से साल 1975 में उनकी फिल्मों की शूटिंग और अलग-अलग किरदारों को निभाने से जुड़ा सवाल पूछा। इसके जवाब में बिग बी ने उस समय के शूटिंग सिस्टम के बारे में विस्तार से बताया।
वरुण ग्रोवर ने 1975 को लेकर पूछा सवाल
शो के दौरान वरुण ग्रोवर ने अमिताभ बच्चन को याद दिलाया कि 1975 उनके करियर के बेहद खास वर्षों में से एक था। इसी साल उनकी ‘दीवार’, ‘शोले’ और ‘चुपके चुपके’ जैसी चर्चित फिल्में दर्शकों के बीच आई थीं। इन फिल्मों में अमिताभ के किरदार और उनका अंदाज एक-दूसरे से काफी अलग था।
वरुण ने पूछा कि जब फिल्मों की शूटिंग लंबे समय तक चलती थी, तब अमिताभ एक फिल्म के किरदार से दूसरे किरदार में इतनी आसानी से कैसे ढल जाते थे। खासकर जब एक फिल्म में गंभीर भूमिका हो और दूसरी में बिल्कुल अलग तरह का किरदार।
एक साथ कई फिल्मों में करना पड़ता था काम
अमिताभ बच्चन ने बताया कि उस दौर में कलाकार अक्सर एक साथ दो से तीन फिल्मों में काम किया करते थे। फिल्मों की शूटिंग का तरीका आज की तुलना में काफी अलग था। कलाकारों को अलग-अलग फिल्मों के सेट पर लगातार काम करना पड़ता था।
बिग बी ने बताया कि उस समय काम के लिए कलाकारों को काफी व्यस्त शेड्यूल के साथ चलना पड़ता था। कई बार एक ही दिन में अलग-अलग फिल्मों की शूटिंग के लिए कई शिफ्ट करनी पड़ती थीं।
तीन शिफ्ट में होती थी शूटिंग
अमिताभ बच्चन के मुताबिक, उस दौर में शूटिंग के लिए तीन शिफ्ट का सिस्टम था। पहली शिफ्ट सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक, दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 बजे से रात 10 बजे तक और तीसरी शिफ्ट रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक चलती थी।
इस तरह कलाकार एक ही दिन में अलग-अलग फिल्मों के लिए समय दे पाते थे। अमिताभ की इस बात से यह भी पता चलता है कि उस दौर में फिल्मों की शूटिंग का शेड्यूल कितना व्यस्त हुआ करता था।
मेहमान भी सुनकर रह गए हैरान
अमिताभ बच्चन की यह बात सुनकर वरुण ग्रोवर के साथ गौरव कपूर और गौरव गुप्ता भी पुराने दौर के इस शूटिंग सिस्टम को जानकर हैरान नजर आए। KBC 18 का यह सेगमेंट अमिताभ बच्चन के शुरुआती फिल्मी करियर और उस समय के काम करने के तरीके की एक दिलचस्प झलक पेश करता है।




