Bihar की शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। अब राज्य के सरकारी स्कूलों में नियमित पढ़ाई खत्म होने के बाद उसी स्कूल के छात्रों के लिए विशेष कोचिंग क्लास चलाई जाएगी। इन कक्षाओं में पढ़ाने वाले शिक्षकों को सरकार की ओर से अतिरिक्त इंसेंटिव भी दिया जाएगा।
पटना के कलमबाग चौक स्थित मधुकर निकेतन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार सरकारी स्कूलों को “कोचिंग मॉडल” के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। इसका मकसद छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल देना और निजी कोचिंग पर उनकी निर्भरता कम करना है।
मंत्री ने बताया कि स्कूल समय के बाद शुरू होने वाली इन विशेष कक्षाओं को लागू करने से पहले छात्रों और अभिभावकों की राय ली जाएगी। उनकी जरूरत और सहमति के आधार पर ही योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।
जर्जर और भवनहीन स्कूलों की होगी पहचान
शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए विभाग गंभीरता से काम कर रहा है। सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीईओ) से भवनहीन और जर्जर स्कूलों की सूची मांगी गई है। सूची मिलने के बाद मरम्मत और नए निर्माण कार्य शुरू किए जाएंगे।
वहीं मुजफ्फरपुर में बेंच-डेस्क खरीद में कथित गड़बड़ी के सवाल पर मंत्री ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
“हमारा विद्यालय, हमारा स्वाभिमान” कार्यक्रम होगा शुरू
सरकार जल्द ही “हमारा विद्यालय, हमारा स्वाभिमान” अभियान शुरू करने जा रही है। इसके तहत विभिन्न क्षेत्रों में सफलता हासिल कर चुके पूर्व छात्रों को उनके पुराने स्कूलों से जोड़ा जाएगा।
मंत्री ने कहा कि सफल पूर्व छात्रों को अपने स्कूल को गोद लेने और उसके विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने खुद भी अपने पुराने स्कूल को गोद लेने की बात कही।
सीएसआर मॉडल की तर्ज पर पूर्व छात्रों और निजी संस्थानों से स्कूलों के विकास में सहयोग लिया जाएगा। साथ ही ये लोग स्कूलों में चल रही गतिविधियों की निगरानी भी करेंगे। ऐसे योगदान देने वालों को बिहार दिवस के मौके पर सम्मानित किया जाएगा।
शिकायतों की होगी डिजिटल ट्रैकिंग
शिक्षा विभाग में आने वाली शिकायतों के निपटारे के लिए अब समय सीमा तय की जाएगी। मंत्री ने बताया कि विभाग “स्मार्ट लेटर प्रणाली” विकसित कर रहा है, जिसके जरिए शिकायतों और पत्राचार की डिजिटल ट्रैकिंग की जाएगी।
उन्होंने कहा कि एक ही विषय पर बार-बार अलग-अलग पत्र जारी करने की पुरानी व्यवस्था खत्म की जाएगी ताकि विभागीय कामकाज में पारदर्शिता और तेजी लाई जा सके।
निजी स्कूलों की निगरानी के नियमों में बदलाव
शिक्षा मंत्री ने कहा कि निजी स्कूलों को एनओसी देने की प्रक्रिया में भी बदलाव की तैयारी चल रही है। नए नियमों के तहत निजी स्कूलों की समय-समय पर निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।
इसके अलावा शिक्षकों के तबादले के लिए नई नीति जल्द लाई जाएगी। सरकार नई शिक्षा नीति को तेजी से लागू करने की दिशा में भी काम कर रही है।
मंत्री ने कहा कि बिहार को एक बार फिर शिक्षा और ज्ञान का बड़ा केंद्र बनाने के लिए कई स्तर पर योजनाएं तैयार की जा रही हैं। विभागीय कार्यों को आसान बनाने के लिए शिक्षा विभाग के कार्यालयों में सिंगल विंडो सिस्टम भी लागू




