अयोध्या | 10 जुलाई 2026
अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए VIP और सुगम दर्शन पास जारी करने की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। राम मंदिर ट्रस्ट ने पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी गोपाल राव और अनिल मिश्रा की उन अधिकृत आईडी को निष्क्रिय कर दिया है, जिनके माध्यम से विशेष और सुगम दर्शन पास जारी किए जाते थे। अब इन तीनों की सिफारिश पर किसी भी श्रद्धालु को VIP या सुगम दर्शन की अनुमति नहीं मिलेगी।
कथित अनियमितताओं की जांच के बीच लिया गया फैसला
सूत्रों के अनुसार यह फैसला VIP और सुगम दर्शन पास जारी करने की प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान लिया गया है। जानकारी के मुताबिक, जिन आईडी के माध्यम से सबसे अधिक पास जारी किए गए थे, उन्हें फिलहाल निष्क्रिय कर दिया गया है। ट्रस्ट अब पूरी व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है ताकि दर्शन प्रणाली को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया जा सके।
ट्रस्ट में जिम्मेदारियों का हुआ पुनर्वितरण
हाल ही में चंपत राय ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दिया था, जिसे ट्रस्ट की बैठक में स्वीकार कर लिया गया। इसके बाद उनकी जिम्मेदारियां कृष्ण मोहन को सौंप दी गई हैं। वहीं, ट्रस्टी गोपाल राव को विशेष आमंत्रित सदस्य की सूची से हटाए जाने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि उन्होंने इस पर असहमति जताते हुए कहा है कि वे मंदिर की व्यवस्थाओं में पहले की तरह सहयोग करते रहेंगे।
सोशल मीडिया पोस्ट के बाद बढ़ी चर्चाएं
इस घटनाक्रम के बीच चंपत राय ने सोशल मीडिया पर एक पत्र साझा कर SIT की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने पर सवाल उठाए। उन्होंने संकेत दिया कि फिलहाल वे इस मामले पर विस्तृत टिप्पणी नहीं करेंगे, लेकिन उचित समय आने पर अपनी बात सार्वजनिक करेंगे। उनके इस बयान के बाद राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और VIP दर्शन व्यवस्था को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पारदर्शिता बढ़ाने पर ट्रस्ट का जोर
राम मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि दर्शन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और व्यवस्थित बनाने के लिए समय-समय पर आवश्यक प्रशासनिक बदलाव किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई और नई व्यवस्था को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।




