नई दिल्ली, 16 सितंबर। त्योहारों और शादी के सीजन से पहले सोने के आभूषण खरीदने वालों के लिए हॉलमार्किंग से जुड़ा शुल्क चर्चा में है। उपलब्ध हालिया जानकारी के अनुसार सोने के आभूषणों की हॉलमार्किंग फीस ₹45 से बढ़ाकर ₹75 प्रति आर्टिकल किए जाने की बात सामने आई है, जबकि चांदी के आभूषणों के लिए शुल्क ₹35 प्रति आर्टिकल बताया गया है। हालांकि, BIS की वेबसाइट पर उपलब्ध FAQ में अभी ₹45 और ₹35 की दरें दिखाई दे रही हैं, इसलिए नई ₹75 की दर को खरीदारी से पहले संबंधित BIS या ज्वेलर से सत्यापित करना उचित होगा।
क्या सोने की ज्वेलरी सीधे ₹30 महंगी हो जाएगी?
हॉलमार्किंग शुल्क में ₹30 की बढ़ोतरी का मतलब यह नहीं है कि सोने का बाजार भाव ₹30 प्रति ग्राम बढ़ गया है। BIS के अनुसार हॉलमार्किंग शुल्क आभूषण के वजन पर नहीं, बल्कि प्रति आर्टिकल लिया जाता है। यानी अंगूठी, चेन या कंगन जैसे एक-एक आर्टिकल पर निर्धारित शुल्क लागू होता है।
ग्राहक के बिल पर वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि ज्वेलर अपनी लागत को किस तरह कीमत में शामिल करता है।
हॉलमार्किंग फीस में क्या बदलाव बताया जा रहा है?
आभूषण
पहले बताई गई फीस
हालिया रिपोर्ट में बताई गई फीस
सोना
₹45 प्रति आर्टिकल
₹75 प्रति आर्टिकल
चांदी
₹35 प्रति आर्टिकल
₹35 प्रति आर्टिकल
BIS के नियमों के अनुसार शुल्क वजन के आधार पर नहीं, प्रति आर्टिकल लिया जाता है।
हॉलमार्किंग ग्राहक के लिए क्यों जरूरी है?
हॉलमार्किंग का उद्देश्य आभूषण की शुद्धता को लेकर ग्राहक को भरोसा देना है। BIS के अनुसार ग्राहक को हॉलमार्क, शुद्धता और HUID जैसी जानकारी पर ध्यान देना चाहिए। खरीदारी के समय वैध बिल लेना भी जरूरी है।
HUID को भी जरूर करें चेक
हॉलमार्क वाले सोने के आभूषणों पर BIS मार्क, शुद्धता से जुड़ी जानकारी और छह अंकों का अल्फान्यूमेरिक HUID कोड होता है। ग्राहक इसे सत्यापित कर सकता है और खरीदारी से पहले आभूषण की पहचान संबंधी जानकारी जांचना उपयोगी है।
सोना खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान?
त्योहारों के सीजन में गहना खरीदते समय सिर्फ सोने की कीमत ही न देखें। आभूषण का वजन, शुद्धता, हॉलमार्क, HUID और बिल में दर्ज विवरण ध्यान से जांचें। ज्वेलर से बिल में आभूषण की जरूरी जानकारी दर्ज कराने को कहें। BIS भी हॉलमार्क वाले आभूषण की खरीद पर प्रामाणिक बिल लेने की सलाह देता है।
नई फीस का असर कितना पड़ेगा?
हॉलमार्किंग शुल्क प्रति आर्टिकल होने के कारण इसका असर महंगे या भारी आभूषण पर भी एक अलग शुल्क के रूप में हो सकता है, लेकिन इसे सोने के प्रति ग्राम भाव में सीधी बढ़ोतरी समझना सही नहीं होगा। इसलिए खरीदारी से पहले ज्वेलर से पूछें कि बिल में हॉलमार्किंग से जुड़ी लागत किस रूप में शामिल की गई है।




