नई दिल्ली, 20 सितंबर। त्योहारों के सीजन से पहले केंद्र सरकार ने चीनी के थोक खरीदारों के लिए स्टॉक लिमिट में बदलाव किया है। अब बड़े औद्योगिक उपभोक्ता अपनी 30 दिनों की खपत के बराबर चीनी का स्टॉक रख सकेंगे। इससे पहले यह सीमा 15 दिनों की थी। सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है, जब पिछले कुछ हफ्तों में खुदरा बाजार में चीनी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।
सरकार ने स्टॉक लिमिट में क्या बदलाव किया?
खाद्य विभाग के नए आदेश के अनुसार, बल्क कंज्यूमर्स को 30 दिन की खपत तक चीनी रखने की अनुमति दी गई है। हालांकि, खुले बाजार से खरीदी गई चीनी के लिए 15 दिनों की सीमा पहले की तरह लागू रहेगी। अतिरिक्त 15 दिनों का स्टॉक रखने के लिए चीनी का स्रोत भी तय किया गया है।
अतिरिक्त स्टॉक के लिए क्या है नियम?
सरकार के अनुसार, अतिरिक्त 15 दिन का स्टॉक टैरिफ रेट कोटा (TRQ) के तहत आयात की गई चीनी या एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम के तहत प्राप्त चीनी से जुड़ा होना चाहिए। सरकार ने TRQ के तहत 10 लाख टन चीनी आयात की मंजूरी दी है।
किन कारोबारियों को मिलेगा फायदा?
हर महीने 10 टन से ज्यादा चीनी का इस्तेमाल करने वाले कारोबारी और उद्योग बल्क कंज्यूमर की श्रेणी में आते हैं। इनमें बड़े हलवाई और मिठाई दुकानदार, बेकरी व बिस्कुट निर्माता, सॉफ्ट ड्रिंक कंपनियां और कन्फेक्शनरी बनाने वाली कंपनियां शामिल हैं।
चीनी की कीमतों में आई गिरावट
पिछले कुछ हफ्तों में चीनी के खुदरा भाव में करीब 10 फीसदी तक गिरावट की बात सामने आई है। उदाहरण के तौर पर, करीब 65 रुपये प्रति किलो के भाव से घटकर कीमत लगभग 58.50 रुपये प्रति किलो तक आने की जानकारी दी गई है। सरकार ने उद्योग और कारोबारियों से कहा है कि कम कीमतों का फायदा ग्राहकों तक भी पहुंचना चाहिए।
स्टॉक की होगी ऑनलाइन निगरानी
सरकार ने स्टॉक की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बल्क कंज्यूमर्स को हर शुक्रवार ऑनलाइन पोर्टल पर अपने चीनी स्टॉक की जानकारी देने को कहा है। त्योहारों के दौरान मिठाई, बेकरी और पेय पदार्थों की मांग बढ़ने के बीच इस कदम का उद्देश्य बाजार में पर्याप्त सप्लाई बनाए रखना है।




