वाल्मीकिनगर। बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) में नए पर्यटन सत्र को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बार पर्यटकों को जंगल सफारी के साथ वन्यजीवों, स्थानीय संस्कृति, पौराणिक स्थलों और ऐतिहासिक धरोहरों को करीब से जानने का मौका मिलेगा। वन संरक्षक गौरव ओझा के अनुसार, वीटीआर में नए पर्यटन सत्र की शुरुआत संभावित रूप से 16 अक्टूबर से होगी। पर्यटकों के भ्रमण को अधिक रोमांचक बनाने के लिए वन विभाग नए सफारी रूट और विशेष पर्यटन पैकेज तैयार कर रहा है।

नेपाल के विशेषज्ञ देंगे नेचर गाइड को प्रशिक्षण

नए पर्यटन सत्र से पहले शनिवार को वाल्मीकिनगर स्थित वन विभाग के सभागार सह ऑडियो-वीडियो हॉल में दो दिवसीय कार्यशाला शुरू हुई। इसमें नेपाल के चितवन राष्ट्रीय निकुंज से आए नेचर गाइड सुमंत गुरुंग सहित दो विशेषज्ञ वीटीआर के स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण देंगे।

कार्यशाला में वन प्रमंडल एक और वन प्रमंडल दो के लगभग 50 युवा शामिल हुए। वन विभाग की योजना इंटरमीडिएट या स्नातक की पढ़ाई कर रहे स्थानीय युवाओं को नेचर गाइड के रूप में जोड़ने की है। इससे युवाओं को पढ़ाई के साथ रोजगार का अवसर मिलेगा और वे अपने शैक्षणिक खर्च में भी सहयोग कर सकेंगे।

प्रशिक्षण के बाद नेचर गाइड पर्यटकों को जंगल के वन्यजीवों और प्राकृतिक संपदा की जानकारी देने के साथ वाल्मीकिनगर के इतिहास, पौराणिक कथाओं तथा क्षेत्र के मठ-मंदिरों के ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व से भी परिचित कराएंगे।

मदनपुर और भवानीपुर में नए सफारी रूट

वीटीआर आने वाले पर्यटकों के लिए इस पर्यटन सत्र में दो नए जंगल सफारी रूट विकसित किए गए हैं। वन प्रमंडल दो के मदनपुर वन क्षेत्र में गेटवे ऑफ वीटीआर से तथा वन प्रमंडल एक के भवानीपुर वन क्षेत्र से पर्यटक जंगल सफारी का आनंद ले सकेंगे। नए रूट खुलने से पर्यटकों को जंगल के अलग-अलग हिस्सों और प्राकृतिक खूबसूरती को देखने का अवसर मिलेगा।

वाल्मीकिनगर से गनौली तक बढ़ेगा सफारी का दायरा

वन विभाग की योजना वाल्मीकिनगर के जंगल सफारी रूट का विस्तार गनौली स्थित गिद्ध संरक्षण केंद्र तक करने की भी है। इसके तहत पर्यटक जटाशंकर चेक नाका से जंगल सफारी करने के बाद गनौली पहुंचकर दुर्लभ गिद्ध प्रजातियों को देख सकेंगे। इससे जंगल सफारी के साथ वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

10 हजार रुपये में पूरे दिन का सफारी पैकेज

पर्यटकों को वीटीआर के अलग-अलग पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराने के लिए वन विभाग 10 हजार रुपये का पूरे दिन का सफारी पैकेज लाने की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित पैकेज में वाल्मीकिनगर के पर्यटन स्थलों और जंगल सफारी के बाद गनौली स्थित गिद्ध संरक्षण केंद्र का भ्रमण शामिल होगा। इसके अलावा पर्यटकों को वन प्रमंडल एक के चिउटाहा, रघिया और मंगुराहा वन क्षेत्रों के पर्यटन स्थलों की सैर कराई जाएगी। इस दौरान गोवर्धना में दोपहर के भोजन की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।

गोवर्धना और मंगुराहा में दिखेगी थारू संस्कृति

नए पर्यटन सत्र में पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति से जोड़ने की भी तैयारी है। वाल्मीकिनगर की तर्ज पर गोवर्धना और मंगुराहा में सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू करने की योजना बनाई जा रही है। इसके माध्यम से पर्यटक स्थानीय थारू समुदाय की पारंपरिक संस्कृति, लोक कला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद उठा सकेंगे।

हेली पैकेज से भी घूम सकेंगे पर्यटक

वीटीआर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हेली पैकेज भी तैयार किया जा रहा है। वन संरक्षक गौरव ओझा के अनुसार, बिहार में जिन स्थानों पर हेली सेवा शुरू करने की योजना है, उनमें वाल्मीकिनगर हवाई अड्डे को भी शामिल किया गया है। प्रस्तावित पैकेज में जंगल सफारी के साथ गंडक बराज, कालेश्वर मंदिर और अन्य पर्यटन स्थलों का भ्रमण शामिल होगा।

वन विभाग की इन तैयारियों का उद्देश्य वाल्मीकि टाइगर रिजर्व को प्रकृति, वन्यजीव, स्थानीय संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों से जुड़े एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है। नए सफारी रूट, प्रशिक्षित नेचर गाइड और विशेष पैकेज शुरू होने के बाद पर्यटकों को यहां पहले से अधिक विविध अनुभव मिलने की उम्मीद है। हालांकि, पर्यटन सत्र की शुरुआत और प्रस्तावित पैकेजों से जुड़ी अंतिम जानकारी वन विभाग की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।