लखनऊ, 30 अगस्त। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर भ्रष्टाचार, ठेकेदारों के भुगतान, पुलिस व्यवस्था और बढ़ते अपराध को लेकर तीखा हमला बोला है। एक वीडियो बयान में उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में कई स्तरों पर लूट और भ्रष्टाचार दिखाई दे रहा है। हालांकि, ये सभी आरोप अखिलेश यादव के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं।

ठेकेदारों के भुगतान और पार्किंग व्यवस्था पर सवाल

अखिलेश यादव ने ठेकेदारों के भुगतान से जुड़े मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने पार्किंग, कैफे-रेस्टोरेंट, क्लब और कन्वेंशन सेंटर से होने वाली संभावित आय का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ परियोजनाओं की कीमत और उनसे होने वाली कमाई के बीच अंतर को समझने की जरूरत है।

उन्होंने पार्किंग से होने वाली संभावित आय का उदाहरण देते हुए सरकार से आर्थिक फैसलों और परियोजनाओं की लागत को लेकर जवाब मांगा।

3000 करोड़ के काम का भी किया जिक्र

सपा प्रमुख ने अपने बयान में एक आर्किटेक्ट और इंजीनियर से जुड़े मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस आर्किटेक्ट को लेकर पहले जांच की बात कही गई थी, उसी को दिल्ली में बन रहे रेलवे स्टेशन से जुड़ा करीब 3000 करोड़ रुपये का काम दिया गया।

अखिलेश यादव ने कहा कि सरकारी परियोजनाओं में पारदर्शिता जरूरी है और जनता को यह जानने का अधिकार है कि बड़े ठेके किस प्रक्रिया के तहत दिए जा रहे हैं।

‘हथेली गरम और पुलिस नरम’ कहकर साधा निशाना

अपराध और पुलिस व्यवस्था को लेकर अखिलेश यादव ने कहा, “हथेली गरम और पुलिस नरम।” उन्होंने बुंदेलखंड से आए लोगों और विभिन्न सामाजिक समूहों से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

उन्होंने दूसरे प्रदेश के कथित माफिया द्वारा उत्तर प्रदेश में आकर वारदात करने का भी जिक्र किया और पूछा कि अगर किसी तरह की साझेदारी नहीं है तो फिर कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है।

न्याय की मांग को लेकर सरकार पर हमला

अखिलेश यादव ने एक मामले में पीड़ित परिवार के सदस्यों द्वारा न्याय की मांग किए जाने का उल्लेख करते हुए सरकार पर संवेदनशीलता की कमी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार के दावों और जमीनी घटनाओं के बीच अंतर दिखाई देता है।

सपा प्रमुख ने बुलडोजर और एनकाउंटर की राजनीति का जिक्र करते हुए सरकार को घेरा और कहा कि जनता पूरे घटनाक्रम को देख रही है। उनके बयान के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने के आसार हैं।