पटना, 31 अगस्त 2026 : बिहार की राजनीति में तेज प्रताप यादव और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के मंत्री संजय कुमार सिंह के बीच विवाद अब कानूनी नोटिस तक पहुंच गया है। तेज प्रताप के सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए गए आरोपों के बाद संजय सिंह की ओर से उन्हें 50 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा गया है। इस नोटिस में तेज प्रताप यादव से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट हटाने, सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगने और भविष्य में इस तरह की टिप्पणी नहीं करने का लिखित आश्वासन देने की मांग की गई है।

कैसे शुरू हुआ तेज प्रताप और संजय सिंह का विवाद ?

विवाद तेज प्रताप यादव के एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद शुरू हुआ। तेज प्रताप ने आरोप लगाया था कि दिल्ली दौरे के दौरान एक बड़े होटल में मंत्री संजय कुमार सिंह ने एक महिला कर्मचारी के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया। तेज प्रताप यादव ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग भी की थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मंत्री संजय सिंह ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाया है।

25 लाख रुपये के लेन-देन का भी लगाया था आरोप

तेज प्रताप यादव ने अपने पोस्ट में मामले को दबाने के लिए कथित तौर पर 25 लाख रुपये के लेन-देन का भी दावा किया था। उन्होंने पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने की बात कही थी। दूसरी ओर, संजय सिंह की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस में तेज प्रताप के इन आरोपों को झूठा और मानहानिकारक बताया गया है।

संजय सिंह ने दी थी सबूत पेश करने की चुनौती

आरोपों के बाद संजय कुमार सिंह ने तेज प्रताप के दावों पर पलटवार किया था। उन्होंने कहा था कि यदि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों का कोई सबूत सामने आता है, तो वह राजनीति छोड़ देंगे।इसके बाद तेज प्रताप यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वह डरने वाले नहीं हैं और मामले की सच्चाई सामने लाने से पीछे नहीं हटेंगे।

‘शेर का बेटा हूं, डरने वाला नहीं’

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेज प्रताप यादव ने खुद को ‘शेर का बेटा’ बताते हुए कहा था कि वह डरने या पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने संजय सिंह को भी चुनौती दी और कहा कि वह इस मामले को लेकर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। इसी विवाद के बीच अब संजय सिंह की ओर से 50 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजे जाने से मामला और गरमा गया है।

सात दिन में जवाब देने की मांग

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, कानूनी नोटिस में तेज प्रताप यादव को सात दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है। उनसे सोशल मीडिया पोस्ट हटाने, बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगने और भविष्य में ऐसी टिप्पणियां नहीं करने का लिखित आश्वासन देने की मांग की गई है। नोटिस में यह भी कहा गया है कि मांग पूरी नहीं होने पर आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है और 50 करोड़ रुपये की मानहानि का दावा किया जा सकता है।

नोटिस में दूसरे विवादों का भी जिक्र

लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के मंत्री संजय सिंह की ओर से भेजे गए नोटिस में तेज प्रताप से जुड़े कुछ अन्य विवादों और कई नामों का भी उल्लेख किया गया है। नोटिस के जरिए इन मामलों को लेकर भी तेज प्रताप से स्पष्टीकरण मांगा गया है। फिलहाल यह पूरा मामला आरोप, पलटवार और कानूनी नोटिस के बीच पहुंच चुका है। तेज प्रताप अपने आरोपों पर कायम रहने और सच्चाई सामने लाने की बात कह चुके हैं, जबकि संजय सिंह ने आरोपों को खारिज करते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। अब सबकी नजर तेज प्रताप यादव के अगले जवाब पर है।