पटना, 20 सितंबर। बिहार में बाढ़ और कुछ इलाकों में सूखे की स्थिति को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र और राज्य सरकार से प्रभावित लोगों के लिए राहत और आर्थिक सहायता को लेकर सवाल पूछे हैं। उन्होंने दावा किया कि लाखों लोग प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हैं और सरकार को राहत कार्यों पर प्राथमिकता देनी चाहिए। हालिया सरकारी और मीडिया रिपोर्टों में बाढ़ से करीब 49-50 लाख लोगों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
राहत व्यवस्था पर तेजस्वी ने उठाए सवाल
तेजस्वी यादव ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पैसे की कमी के कारण कुछ सामुदायिक रसोई बंद की गईं। तेजस्वी ने सरकार से पूछा कि आपदा के समय प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने के लिए उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है।
पीएम मोदी के जन्मदिन पर खर्च का मुद्दा
तेजस्वी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के आसपास हुए आयोजनों और खर्च को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ बिहार में लोग बाढ़ और सूखे से परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकारी स्तर पर आयोजनों में पैसा खर्च किया जा रहा है। यह आरोप तेजस्वी पहले भी सार्वजनिक रूप से उठा चुके हैं।
आपदा फंड को लेकर भी मांगा जवाब
तेजस्वी ने आपदा प्रबंधन के लिए उपलब्ध फंड और इमरजेंसी फंड के इस्तेमाल का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने सवाल किया कि आपदा के लिए कितना पैसा उपलब्ध था और अब तक उसमें से कितनी राशि खर्च की गई है।
राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग
तेजस्वी यादव ने बिहार की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और केंद्र से विशेष आर्थिक मदद देने की मांग भी दोहराई। उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा कि बिहार के प्रभावित परिवारों को अतिरिक्त सहायता कब मिलेगी।
नितिन नवीन के वेतन दान पर भी सवाल
इस बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 18 सितंबर को बिहार के बाढ़ पीड़ितों के लिए अपनी तीन महीने की राज्यसभा सांसद की सैलरी, करीब 6.35 लाख रुपये, मुख्यमंत्री राहत कोष में देने की घोषणा की थी।
नितिन नवीन ने कहा था कि प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता, राहत शिविर, सामुदायिक रसोई और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता दी जा रही है।
सरकार और विपक्ष के दावे अलग
बिहार में बाढ़ राहत को लेकर सरकार और विपक्ष के दावों में अंतर नजर आ रहा है। जहां तेजस्वी यादव राहत व्यवस्था और फंड के इस्तेमाल पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं सरकार की ओर से राहत, बचाव और आर्थिक सहायता जारी रहने की बात कही जा रही है। ऐसे में प्रभावित लोगों तक राहत की वास्तविक स्थिति स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था और उपलब्ध सहायता के आधार पर सामने आएगी।




