पटना, 31 अगस्त 2026 : बिहार के मंत्री संजय सिंह पर महिला से कथित बदसलूकी के आरोपों को लेकर सियासत तेज हो गई है। अब केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने इस मामले पर एक बड़ा बयान दिया है। चिराग पासवान ने कहा कि अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं और संबंधित व्यक्ति दोषी साबित होता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि ऐसी स्थिति में सिर्फ मंत्री पद ही नहीं, बल्कि पार्टी से भी बर्खास्तगी हो सकती है।
महिला सुरक्षा पर चिराग पासवान का सख्त रुख
चिराग पासवान ने कहा कि महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोप किसी भी व्यक्ति पर लगे हों, निष्पक्ष जांच जरूरी है। चिराग के मुताबिक, यदि जांच के बाद आरोप सही साबित होते हैं तो दोषी के खिलाफ कार्रवाई करने में कोई हिचक नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी अगर परिवार का सदस्य भी हो, तब भी गलत काम के लिए संरक्षण नहीं दिया जा सकता।
दोषी पाए गए तो मंत्री पद के साथ पार्टी से भी होगी छुट्टी
चिराग पासवान ने कहा कि अगर जांच में संबंधित व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो कार्रवाई केवल मंत्री पद तक सीमित नहीं रहेगी। ऐसी स्थिति में पार्टी स्तर पर भी कार्रवाई की जाएगी। उनके इस बयान को बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि संजय सिंह राज्य सरकार में मंत्री हैं और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज हो रही है।
तेज प्रताप यादव के आरोपों के बाद शुरू हुआ विवाद
दरअसल, पूरा विवाद तेज प्रताप यादव की ओर से किए गए एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद सामने आया। तेज प्रताप ने आरोप लगाया था कि दिल्ली दौरे के दौरान एक बड़े होटल में संजय कुमार सिंह ने एक महिला कर्मचारी के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया। तेज प्रताप ने इस मामले में महिला के कथित शोषण के प्रयास का भी आरोप लगाया था और सरकार तथा प्रशासन से निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संजय सिंह ने तेज प्रताप के आरोपों को खारिज किया है।
संजय सिंह ने तेज प्रताप को भेजा 50 करोड़ का मानहानि नोटिस
विवाद बढ़ने के बाद संजय सिंह की ओर से तेज प्रताप यादव को कानूनी नोटिस भेजा गया है। उनके अधिवक्ता सुशील कुमार की ओर से 30 अगस्त 2026 को भेजे गए नोटिस में तेज प्रताप के सोशल मीडिया पोस्ट में लगाए गए आरोपों को झूठा और मानहानिकारक बताया गया है। नोटिस में संबंधित पोस्ट हटाने, सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगने और भविष्य में इस तरह की टिप्पणी नहीं करने का लिखित आश्वासन देने की मांग की गई है। नोटिस में 50 करोड़ रुपये के मानहानि दावे की चेतावनी भी दी गई है।
तेज प्रताप बोले- 'शेर का बेटा हूं, डरने वाला नहीं'
कानूनी नोटिस के बीच तेज प्रताप यादव ने भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि वह डरने वाले नहीं हैं और खुद को 'शेर का बेटा' बताते हुए अपने आरोपों पर कायम रहने का संकेत दिया। तेज प्रताप ने संजय सिंह को चुनौती देते हुए कहा था कि अगर वह मंत्री हैं तो उनके सामने आकर बात करें। उन्होंने यह भी कहा था कि वह पूरे मामले की सच्चाई सामने लाकर रहेंगे।
चिराग के बयान से बढ़ी राजनीतिक हलचल
अब चिराग पासवान के बयान ने इस विवाद को और राजनीतिक बना दिया है। चिराग ने एक तरफ निष्पक्ष जांच की बात कही है, वहीं दूसरी तरफ दोष साबित होने की स्थिति में मंत्री पद और पार्टी दोनों से कार्रवाई की बात कही है। फिलहाल इस मामले में आरोपों की जांच और संबंधित पक्षों के दावों पर सबकी नजर है। जांच के निष्कर्ष के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
आरक्षण के मुद्दे पर भी चिराग ने रखी बात
चिराग पासवान ने आरक्षण के मुद्दे पर भी अपना रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि आरक्षण की समीक्षा नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इससे अति पिछड़ा वर्ग के साथ अन्याय की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि वह सभी वर्गों के साथ हैं और आरक्षण के मामले में किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।




