पूर्णिया, 19 सितंबर 2026 : बिहार के पूर्णिया जिले में एक अंतरजातीय प्रेम विवाह के बाद परिवार और बेटी के बीच रिश्ते में आई दूरी का मामला खूब चर्चा में है। मरंगा थाना क्षेत्र के चपई गांव में रिया ने मिलन कुमार के साथ अपनी मर्जी से शादी की। शादी के बाद नाराज परिजनों ने रिया की तस्वीर लगे पुतले की अर्थी निकाली और उसका सांकेतिक अंतिम संस्कार कर दिया। इसके बाद रिया पहली बार मीडिया के सामने आईं और अपने फैसले पर कायम रहने की बात कही।
अलग-अलग जातियों से हैं रिया और मिलन
रिपोर्ट के मुताबिक, रिया ब्राह्मण परिवार से हैं, जबकि उनके पति मिलन कुमार पासवान समाज से ताल्लुक रखते हैं। दोनों चपई गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं और काफी समय से एक-दूसरे को जानते थे। रिया के मुताबिक, उन्होंने और मिलन ने अपनी मर्जी से शादी की है। शादी के बाद दोनों साथ हैं और अपने फैसले से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
आठ सितंबर को घर से निकलकर की कोर्ट मैरिज
उपलब्ध रिपोर्टिंग के अनुसार, रिया आट सितंबर को घर से निकली थीं और इसके बाद उन्होंने मिलन कुमार के साथ कोर्ट मैरिज की। रिया ने कथित तौर पर अपने परिवार को फोन कर अपनी शादी की जानकारी भी दी थी। परिवार की ओर से बताया गया कि रिया की शादी पहले से तय की जा चुकी थी। इसी बीच उनके अपनी पसंद के युवक से शादी करने के बाद विवाद बढ़ गया।
परिवार ने बेटी के पुतले की निकाली अर्थी
शादी से नाराज परिजनों ने रिया को मृत मानने का प्रतीकात्मक फैसला लिया। परिवार की ओर से रिया की तस्वीर लगा पुतला तैयार किया गया। इसके बाद उसकी अर्थी निकालकर सांकेतिक शव यात्रा की गई। रिपोर्टों के मुताबिक, पुतले को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया और वहां उसे मुखाग्नि दी गई। परिवार की ओर से बेटी से रिश्ता खत्म करने का संदेश भी दिया गया। यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि वास्तव में रिया का अंतिम संस्कार नहीं हुआ था, बल्कि उनके पुतले का सांकेतिक अंतिम संस्कार किया गया था।
रिया बोलीं- अपने फैसले पर कायम हूं
शादी के बाद रिया ने कहा कि उन्होंने और मिलन ने अपनी इच्छा से शादी की है और दोनों साथ खुश हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने फैसले पर कायम हैं। रिया ने सामाजिक और जातिगत दबाव का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि कई बार बच्चों को अपनी पसंद बताने की आजादी नहीं मिलती और परिवार या समाज के दबाव के कारण उन्हें अपनी जिंदगी से जुड़े फैसले खुद लेने पड़ते हैं। रिया ने अपने माता-पिता के फैसले पर दुख जताते हुए कहा कि उन्होंने समाज और जातिवाद को प्राथमिकता दी, लेकिन उनकी खुशी को नहीं देखा। उन्होंने यह भी कहा कि अब उनके पति और ससुराल ही उनकी दुनिया हैं।
‘जाति से ज्यादा जरूरी इंसान’
रिया ने जातिगत भेदभाव को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि समाज में जाति के नाम पर लोगों को अलग करने के बजाय इंसान को इंसान के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर बच्चों को अपनी पसंद और भविष्य को लेकर बात रखने का मौका मिले, तो ऐसे विवादों की स्थिति कम हो सकती है।
पति मिलन बोले- दोनों साथ खुश हैं
रिया के पति मिलन कुमार ने भी शादी को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि दोनों अपनी जिंदगी में साथ खुश हैं और सामाजिक दबाव की वजह से अपने फैसले से पीछे नहीं हटेंगे। मिलन के मुताबिक, दोनों ने अपनी इच्छा से शादी की है और आगे की जिंदगी साथ बिताना चाहते हैं।
ससुर बोले- बहू नहीं, बेटी मिली है
मिलन कुमार के पिता दिलीप पासवान ने भी रिया को लेकर बड़ी भावुक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनके परिवार में बेटी नहीं थी और अब रिया के रूप में उन्हें बेटी मिली है। उन्होंने रिया को बहू के साथ-साथ बेटी का भी दर्जा देने और उन्हें सम्मान व प्यार देने की बात कही है।
गांव में चर्चा का विषय बना मामला
अंतरजातीय विवाह के बाद हुए इस घटनाक्रम की चर्चा पूरे इलाके में है। स्थानीय लोगों के अलावा कुछ सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों के नवविवाहित जोड़े से मिलने और उन्हें बधाई देने की बात भी सामने आई है। मामला ऐसे समय में सामने आया है जब अंतरजातीय विवाह को लेकर परिवार, सामाजिक दबाव और व्यक्तिगत पसंद के बीच टकराव कई बार चर्चा का विषय बनता रहा है। पूर्णिया के चपई गांव का यह मामला भी इसी वजह से सुर्खियों में है।
रिया और मिलन अपने फैसले पर कायम
फिलहाल रिया और मिलन कुमार अपने विवाह को लेकर अपने फैसले पर कायम हैं। रिया ने सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखते हुए कहा है कि उन्होंने अपनी इच्छा से शादी की है और वह अपने पति के साथ रहना चाहती हैं। वहीं, रिया के परिजनों ने सांकेतिक अंतिम संस्कार के जरिए बेटी से रिश्ता खत्म करने का संदेश दिया है। अब यह पारिवारिक विवाद आगे किस दिशा में जाता है, इस पर सबकी नजर है।




