पटना, 27 सितंबर। बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सियासी बयानबाजी तेज है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर SIR की प्रक्रिया, मतदाता सूची और विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर अपनी बात रखी। उन्होंने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष अब तक ऐसा कोई व्यक्ति सामने नहीं ला पाया, जो बिहार का निवासी हो और उसका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं किया गया हो।

BLO ने घर-घर जाकर किया सत्यापन

सम्राट चौधरी ने कहा कि SIR के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर यानी BLO ने घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया। इसके बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की गई और लोगों को दावे-आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया गया। चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक ड्राफ्ट चरण में करीब 65 लाख नाम हटाए गए थे, जिनमें लगभग 22 लाख मृतक, 36 लाख स्थानांतरित या अनुपलब्ध और करीब 7 लाख ऐसे मतदाता थे जिनका नाम दूसरी जगह भी दर्ज था।

राहुल-तेजस्वी के आरोपों पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की ओर से उठाए गए सवालों का जिक्र करते हुए कहा कि कई मामलों में प्रशासन ने संबंधित लोगों को बुलाकर जानकारी दी। उन्होंने विपक्ष पर तथ्यों के बजाय राजनीतिक आरोप लगाने का आरोप लगाया।

राहुल गांधी ने 2025 में बिहार SIR को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए थे और इसे लेकर ‘वोटर अधिकार यात्रा’ भी निकाली थी।

‘टूरिज्म’ वाले बयान पर विवाद

सम्राट चौधरी ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए उन्हें ‘टूरिज्म’ के लिए बिहार आने वाला बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को अगर चुनाव प्रक्रिया पर आपत्ति है तो उसे तथ्य और दस्तावेज के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।

चुनाव में गड़बड़ी पर कोर्ट का जिक्र

चुनाव में कथित गड़बड़ी के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी के पास ठोस साक्ष्य हैं तो उन्हें सामने लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव से जुड़े विवादों पर अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के तहत हो सकता है।

SIR को लेकर चुनाव आयोग की स्थिति

SIR को लेकर चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर भी राजनीतिक विवाद जारी है। हाल की रिपोर्टों के मुताबिक आयोग के SIR संबंधी आदेशों को मुख्य चुनाव आयुक्त और दोनों चुनाव आयुक्तों ने सर्वसम्मति से मंजूरी दी थी।

नोट: सम्राट चौधरी के राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर लगाए गए राजनीतिक आरोपों को उनके बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।