समस्तीपुर, 6 सितंबर। बिहार में शराबबंदी के बावजूद तस्करी रोकने के लिए पुलिस की सख्ती के बीच तस्करों द्वारा नए-नए तरीके अपनाने के मामले सामने आ रहे हैं। समस्तीपुर में पुलिस ने स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के AC-1 कोच से करीब 75 लीटर विदेशी शराब बरामद कर एक युवती और उसके साथ यात्रा कर रहे युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों दिल्ली से जयनगर जा रहे थे।

गुप्त सूचना पर ट्रेन में हुई कार्रवाई

समस्तीपुर जीआरपी को 4 सितंबर को सूचना मिली थी कि स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस से शराब की खेप दिल्ली से बिहार लाई जा रही है। ट्रेन के समस्तीपुर पहुंचते ही पुलिस ने चेकिंग अभियान शुरू किया। इसी दौरान AC-1 कोच से करीब 75 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई।

पुलिस ने मौके से नेहा झा और ईशान कुमार को गिरफ्तार किया। ईशान को नेहा की बहन का देवर बताया गया है। मामले में दोनों से पूछताछ कर शराब की खेप के स्रोत और संभावित खरीदारों की जानकारी जुटाई जा रही है।

‘परमानेंट कस्टमर’ तक पहुंचनी थी खेप?

पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में नेहा ने कथित तौर पर बताया कि शराब एक नियमित ग्राहक तक पहुंचाई जानी थी। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि शराब किसे दी जानी थी और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

पुलिस उसके मोबाइल फोन और संपर्कों की भी जांच कर सकती है, ताकि सप्लाई चेन का पता लगाया जा सके।

परिवार के दूसरे सदस्यों की भूमिका भी जांच के दायरे में

नेहा समस्तीपुर के सिंघिया थाना क्षेत्र के बारी गांव की रहने वाली बताई गई है। सूत्रों के अनुसार, उसके परिवार के कुछ सदस्यों के भी कथित तौर पर शराब तस्करी से जुड़े होने की बात सामने आई है। इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

पुलिस के मुताबिक, नेहा की बहन निशु झा को दरभंगा पुलिस पहले शराब तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों मामलों के बीच किसी संभावित कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।

मोतिहारी में सामने आया था ‘किराये के परिवार’ का दावा

इससे पहले मोतिहारी में भी पुलिस ने शराब तस्करी के एक मामले में महिला को लग्जरी कार से पकड़ा था। पूछताछ में महिला ने कथित तौर पर पुलिस को बताया था कि पुलिस से बचने के लिए यात्रा के दौरान ‘किराये के पति’ और ‘उधार के बच्चे’ का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, इन दावों की पुष्टि जांच और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही मानी जाएगी।

शराब तस्करी के इन मामलों के सामने आने के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि तस्कर शराबबंदी से बचने के लिए किस तरह के नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं।