पटना, 24 सितंबर। बिहार के जमुई में छात्रा से बदसलूकी और मारपीट के मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने घटना को राज्य की शराबबंदी नीति से जोड़ते हुए सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के बाद अवैध शराब तस्करी और दूसरे नशे के बढ़ते इस्तेमाल पर चर्चा जरूरी है।

शिवानंद तिवारी ने शराबबंदी पर उठाए सवाल

शिवानंद तिवारी ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि जमुई मामले में शामिल आरोपियों के शराब तस्करी से जुड़े होने की बात सामने आई है। उन्होंने बिहार में शराबबंदी लागू होने से पहले और बाद की आबकारी नीति का जिक्र करते हुए अपने पुराने राजनीतिक अनुभव साझा किए।

उनका कहना है कि शराब की उपलब्धता बढ़ने के बाद इसका सामाजिक असर महिलाओं और परिवारों पर पड़ा था। इसी तरह के विरोध के बाद बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू की गई थी।

'शराब माफिया मजबूत हुए'

RJD नेता ने अपने पोस्ट में दावा किया कि शराबबंदी के बाद अवैध शराब के कारोबार के लिए एक नया नेटवर्क तैयार हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रामीण इलाकों में दूसरे तरह के नशे का चलन भी बढ़ा है और इसका असर युवाओं पर पड़ रहा है।

हालांकि, शराबबंदी और जमुई की घटना के बीच कारणात्मक संबंध का यह निष्कर्ष शिवानंद तिवारी का राजनीतिक विश्लेषण है। जमुई मामले में पुलिस की जांच अलग से जारी है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक घटना के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और मामले की जांच के लिए विशेष टीम भी बनाई गई है।

सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग

शिवानंद तिवारी ने बिहार सरकार से इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि शराबबंदी के प्रभावों की समीक्षा होनी चाहिए और अगर किसी नीति से अपेक्षित परिणाम नहीं मिल रहे हैं तो उस पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए।

जमुई मामले में जांच जारी

जमुई की घटना 19 सितंबर को सामने आई थी। पुलिस के अनुसार, एक किशोर लड़के और लड़की को कुछ लोगों ने रास्ते में रोककर मारपीट और बदसलूकी की थी। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। मामले में कई आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।