पटना, 19 अक्टूबर 2026 : बिहार में सरप्लस शिक्षकों के लिए एक बड़ा अपडेट है। प्रदेश में करीब छह लाख सरकारी शिक्षकों के तबादले का इंतजार है। इस तरह राज्य के सरकारी शिक्षकों के मनपसंद स्कूल में ट्रांसफर की प्रतीक्षा एक बार फिर बढ़ गई है। एमएलसी चुनाव की आचार संहिता लागू होने के कारण शिक्षा विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया पर ब्रेक लगा दिया है। इसलिए अब 31 अक्टूबर के बाद ही पोर्टल खुलने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक सामान्य तबादले के लिए ई-शिक्षा कोष पोर्टल सात नवंबर 2026 से खुलने की बात सामने आई है। हालांकि इस तारीख की पुष्टि अभी नहीं हुई है।
26 जिलों में 42 हजार शिक्षकों की नई पोस्टिंग
बिहार में सरप्लस शिक्षकों के तबादले के पहले चरण में करीब 26 जिलों में प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इन जिलों के लगभग 42 हजार शिक्षकों को नए स्कूलों में पोस्टिंग दी गई है। वहीं, 12 जिलों में प्रक्रिया अब भी लंबित है।
71 हजार से अधिक शिक्षकों ने किया आवेदन
ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर 71,151 सरप्लस शिक्षकों ने अपनी पसंद के अनुसार तबादले के लिए आवेदन किया है। राज्य में सरप्लस शिक्षकों की कुल संख्या करीब 1.60 लाख बताई गई है। इसके अलावा, आपसी सहमति से तबादले यानी Mutual Transfer के लिए 4,259 आवेदन भी लंबित हैं।
कैसे होगा शिक्षकों का तबादला? समझिए पूरा नियम
बिहार शिक्षक स्थानांतरण नियमावली 2026 के तहत तबादले की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी की जानी है।
- पहला चरण : जिले के भीतर सरप्लस शिक्षकों का तबादला।
- दूसरा चरण : प्रमंडल स्तर पर शिक्षकों को जिले और स्कूल का आवंटन।
- तीसरा चरण : एक प्रमंडल से दूसरे प्रमंडल में जाने के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों का तबादला।
- अगला चरण : स्कूलों में उपलब्ध रिक्त पदों के आधार पर सामान्य तबादले की प्रक्रिया।
सरप्लस शिक्षक वे होते हैं, जिनकी संख्या किसी स्कूल में निर्धारित छात्र-शिक्षक अनुपात के मुकाबले अधिक होती है। ऐसे शिक्षकों को उन स्कूलों में भेजा जाता है, जहां शिक्षकों की कमी है। इस प्रक्रिया को Teacher Rationalization कहा जाता है।
कब से शुरू होगा सामान्य तबादला ?
जिला और प्रमंडल स्तर पर लंबित प्रक्रिया पूरी होने के बाद सामान्य तबादले के लिए आवेदन शुरू होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार 7 नवंबर 2026 संभावित तारीख है। अंतिम कार्यक्रम, आवेदन की तारीख और आगे के निर्देशों के लिए शिक्षकों को शिक्षा विभाग की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।




