पटना, 15 सितंबर 2026। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 2029 तक NDA शासित राज्यों में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के बयान के बाद बिहार की राजनीति गरमा गई है। मुद्दे पर सत्तारूढ़ NDA के घटक दलों के अलग-अलग रुख सामने आने लगे हैं। वहीं विपक्षी RJD ने JDU को NDA से अलग होकर साथ आने का खुला न्योता दे दिया है। RJD विधायक भाई वीरेंद्र ने UCC का विरोध करते हुए JDU से NDA छोड़कर RJD के साथ सरकार बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि UCC जैसे मुद्दों के जरिए सरकार महंगाई, बेरोजगारी और अपराध जैसे सवालों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। हालांकि, डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने RJD के ऑफर को खारिज करते हुए कहा कि भाई वीरेंद्र अपनी बात कह रहे हैं। JDU में इस तरह की कोई चर्चा नहीं है और राजद के साथ सरकार बनाने का कोई दूर-दूर तक संभावना नहीं है।
विजय चौधरी बोले- पहले UCC के प्रावधान देखेंगे
UCC को लेकर JDU ने फिलहाल अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट नहीं किया है। डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी ने कहा कि UCC बिल के प्रावधान अभी सामने नहीं आए हैं। ड्राफ्ट और प्रावधान देखने के बाद पार्टी इस पर विचार करेगी। उन्होंने कहा कि अगर किसी प्रावधान को लेकर विवाद या आपत्ति की स्थिति बनती है, तो पार्टी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस मुद्दे पर बात करेगी। JDU का UCC को लेकर पहले भी विरोध का रुख रहा है। मुख्यमंत्री रहते हुए नीतीश कुमार ने जनवरी 2017 में विधि आयोग को पत्र लिखकर कहा था कि विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच पर्याप्त सहमति और स्पष्ट रूपरेखा के बिना UCC को जल्दबाजी में लागू नहीं किया जाना चाहिए।
JDU विधायक बोले- बिहार में लागू नहीं होने देंगे
UCC को लेकर JDU के अंदर से भी विरोध के स्वर सामने आए हैं। पार्टी विधायक श्याम रजक ने कहा कि बिहार में UCC लागू नहीं होने दिया जाएगा। वहीं, JDU के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा के जल्द ही अमित शाह से इस मुद्दे पर बातचीत करने की बात कही गई है। इस बीच केंद्रीय मंत्री और JDU के वरिष्ठ नेता ललन सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की है। हालांकि, मुलाकात के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
चिराग पासवान बोले- पहले ड्राफ्ट आए, फिर फैसला
NDA के अन्य सहयोगी दलों ने भी UCC पर सावधानी भरा रुख अपनाया है। केंद्रीय मंत्री और LJP (रामविलास) प्रमुख चिराग पासवान ने कहा कि पहले UCC का ड्राफ्ट सामने आना चाहिए। इसके बाद देखा जाएगा कि उसमें सभी पक्षों के हितों का ध्यान रखा गया है या नहीं। Rashtriya Lok Morcha की ओर से भी लगभग इसी तरह की राय सामने आई है, जबकि Hindustani Awam Morcha का रुख अपेक्षाकृत सकारात्मक बताया जा रहा है।
BJP UCC के समर्थन में
BJP UCC लागू करने के पक्ष में है। अमित शाह ने रविवार को मुंबई में कहा था कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले BJP-NDA शासित 21 राज्यों में UCC लागू किया जाएगा। फिलहाल NDA की सरकार 22 राज्यों में है। उत्तराखंड में जनवरी 2025 से UCC लागू है। इसके अलावा गुजरात, असम और मध्य प्रदेश में UCC से जुड़ा प्रस्ताव विधानसभा से पारित हो चुका है। इन राज्यों में अब राष्ट्रपति की मंजूरी और अधिसूचना का इंतजार है। महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में भी UCC को लेकर कानून का मसौदा तैयार करने के लिए समितियां गठित की गई हैं।
UCC पर बिहार NDA में बढ़ी हलचल
अमित शाह के बयान के बाद बिहार में UCC को लेकर NDA के भीतर अलग-अलग राय सामने आना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। BJP जहां इसके समर्थन में है, वहीं JDU ने ड्राफ्ट देखने के बाद फैसला लेने की बात कही है। LJP (रामविलास) भी सभी पक्षों की सहमति और हितों को ध्यान में रखने की मांग कर रही है। ऐसे में RJD का JDU को साथ आने का न्योता बिहार की सियासत में नई चर्चा को जन्म दे रहा है। हालांकि, फिलहाल JDU की ओर से NDA छोड़ने या RJD के साथ सरकार बनाने को लेकर कोई संकेत नहीं दिया गया है।




