पटना: बिहार के पूर्व केंद्रीय मंत्री और पद्म भूषण स्वर्गीय रामविलास पासवान की जयंती अब राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए यह घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले वर्ष से हर साल 5 जुलाई को रामविलास पासवान की जयंती राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी।
सरकार के इस फैसले को रामविलास पासवान के सार्वजनिक जीवन और बिहार के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति में उनके योगदान के सम्मान के तौर पर देखा जा रहा है।
पुण्यतिथि पर CM सम्राट चौधरी ने दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से रामविलास पासवान को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि बिहार के महान सपूत, पूर्व केंद्रीय मंत्री और पद्म भूषण स्वर्गीय रामविलास पासवान ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र निर्माण और समाज की सेवा के लिए समर्पित किया।
मुख्यमंत्री ने रामविलास पासवान के सार्वजनिक जीवन और उनके सामाजिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने लंबे समय तक वंचित और कमजोर वर्गों की आवाज को मजबूती से उठाया।
5 जुलाई को होगा राजकीय समारोह
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आगामी वर्ष से 5 जुलाई को रामविलास पासवान की जयंती राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी।
इसका मतलब है कि अब बिहार सरकार की ओर से हर वर्ष 5 जुलाई को रामविलास पासवान की जयंती के अवसर पर आधिकारिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
सरकार के इस फैसले के बाद रामविलास पासवान के समर्थकों और उनके राजनीतिक एवं सामाजिक योगदान को मानने वाले लोगों के बीच इसे लेकर उत्सुकता बढ़ी है।
राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा में योगदान को किया याद
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रामविलास पासवान के राजनीतिक और सामाजिक जीवन को याद करते हुए कहा कि उनका पूरा सार्वजनिक जीवन देश और समाज के लिए समर्पित रहा।
रामविलास पासवान ने केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली थी। कई दशकों तक सक्रिय राजनीति में रहने के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई।
खास तौर पर दलित, वंचित और कमजोर वर्गों के मुद्दों को लेकर उनकी राजनीति की राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा होती रही।
'सच्ची श्रद्धांजलि और कृतज्ञता का प्रतीक'
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामविलास पासवान के योगदान, विचारों और सार्वजनिक जीवन में उनकी भूमिका को सम्मान देने के उद्देश्य से उनकी जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने इसे बिहार की धरती के इस महान सपूत के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि और कृतज्ञता का प्रतीक बताया।
बिहार की राजनीति में अहम रहा रामविलास पासवान का योगदान
रामविलास पासवान बिहार की राजनीति के उन प्रमुख नेताओं में रहे, जिन्होंने राज्य की राजनीति से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। उन्होंने केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली और लंबे समय तक राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय रहे।
दलित और वंचित वर्गों के बीच उनकी मजबूत पकड़ रही। बिहार के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति में भी उनका प्रभाव लंबे समय तक देखने को मिला।
पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि, जयंती पर राजकीय आयोजन
रामविलास पासवान की पुण्यतिथि के मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से की गई यह घोषणा महत्वपूर्ण है। अब अगले वर्ष से 5 जुलाई को उनकी जयंती सरकारी स्तर पर राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी।
इस फैसले के बाद रामविलास पासवान की जयंती प्रदेश के आधिकारिक आयोजनों में शामिल होगी। राजकीय समारोह के जरिए उनके सार्वजनिक जीवन, सामाजिक योगदान और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को याद किया जाएगा।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद बिहार की राजनीति में रामविलास पासवान की विरासत और उनके योगदान को लेकर चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है।




