पटना, 12 अगस्त 2026 : बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को लेकर एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। भाजपा नेता और हाल ही में आरजेडी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए मृत्युंजय तिवारी ने दावा किया है कि पार्टी के 15 से 16 विधायक कभी भी पाला बदल सकते हैं। उनके इस बयान के बाद बिहार की सियासत में RJD के भविष्य और तेजस्वी यादव के नेतृत्व को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि विधायकों के पाला बदलने का यह दावा फिलहाल भाजपा नेता का राजनीतिक बयान है। संबंधित विधायकों या RJD की ओर से इस दावे की पुष्टि नहीं हुई है।
RJD में टूट का अलार्म ? 25 में से 15-16 विधायकों पर बड़ा दावा
भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी ने दावा किया कि आरजेडी के पास विधानसभा में मौजूद 25 विधायकों में से करीब 15 से 16 विधायक पार्टी छोड़ने की तैयारी में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आरजेडी में अब न तो प्रभावी संगठन बचा है और न ही मजबूत नेतृत्व। बीजेपी नेता के मुताबिक, पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में इसका असर बिहार की राजनीति में दिखाई दे सकता है।
तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर भी उठाए सवाल
मृत्युंजय तिवारी ने राजद नेता तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर भी सवाल खड़े किए। उनका आरोप है कि पार्टी में समर्पित कार्यकर्ताओं और नेताओं की खूब अनदेखी हो रही है। उन्होंने कहा कि आरजेडी में ऐसे लोगों का प्रभाव बढ़ गया है, जो नेतृत्व की बात तक नहीं सुनते और अपनी बात को ज्यादा तरजीह देते हैं। इसी वजह से पार्टी के अंदर असंतोष का माहौल बनने का दावा किया जा रहा है।
RJD छोड़कर BJP में आए हैं मृत्युंजय तिवारी
मृत्युंजय तिवारी लंबे समय तक आरजेडी के प्रमुख प्रवक्ताओं में शामिल रहे हैं। जुलाई 2026 में उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद वह भाजपा में शामिल हो गए। आरजेडी छोड़ने के बाद से ही वह पार्टी नेतृत्व और संगठन को लेकर लगातार सवाल उठाते रहे हैं। बीजेपी में शामिल होने के बाद उनके तेवर और ज्यादा आक्रामक नजर आ रहे हैं।
AIMIM फैक्टर से भी RJD को खतरा ?
मृत्युंजय तिवारी ने बिहार के विपक्षी वोट बैंक के समीकरण का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि पिछले दो विधानसभा चुनावों में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने आरजेडी के मुस्लिम वोटों के समीकरण को प्रभावित किया है। बिहार विधानसभा में AIMIM के पांच विधायक हैं, जबकि आरजेडी के पास 25 विधायक बताए जा रहे हैं। ऐसे में मुस्लिम वोटों के बंटवारे को लेकर आरजेडी के सामने राजनीतिक चुनौती होने का दावा किया गया है।
क्या सच में RJD में होने वाली है बड़ी टूट ?
भाजपा की ओर से आरजेडी विधायकों के टूटने के दावे पहले भी सामने आते रहे हैं। लेकिन 15-16 विधायकों के पाला बदलने का ताजा दावा बिहार की सियासत में चर्चा का विषय जरूर बन गया है। अगर यह दावा सच साबित होता है तो विधानसभा में आरजेडी की स्थिति पर बड़ा असर पड़ सकता है। हालांकि फिलहाल किसी विधायक के पार्टी छोड़ने की आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है। इसलिए इस दावे को अभी राजनीतिक बयान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
तेजस्वी के सामने बढ़ेगी चुनौती ?
आरजेडी के लिए आने वाला समय संगठन और नेतृत्व के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा सकता है। एक तरफ पार्टी को अपने विधायकों और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने की चुनौती होगी, वहीं दूसरी ओर सत्ता पक्ष की ओर से लगातार हो रहे राजनीतिक हमलों का जवाब भी देना होगा। अब नजर इस बात पर है कि आरजेडी नेतृत्व मृत्युंजय तिवारी के 15-16 विधायकों के दावे पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या पार्टी के भीतर से कोई नेता सार्वजनिक रूप से इस दावे का खंडन करता है।




