पूर्णिया/पटना, 16 सितंबर 2026 : बिहार के पूर्णिया में भवन निर्माण विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सत्येंद्र कुमार चौधरी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई हुई है। बुधवार को विजिलेंस टीम ने उनके चार ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इनमें पूर्णिया स्थित सरकारी आवास और कार्यालय के अलावा पटना के शास्त्री नगर और शेखपुरा इलाके में स्थित संपत्तियां भी शामिल हैं।
पटना में 10 करोड़ के मकान की जांच
पटना में एम्स से करीब एक किलोमीटर पहले इंडियन बैंक के पास स्थित स्वास्तिक भवन भी जांच के दायरे में है। इस भवन की कीमत करीब 10 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इसके अलावा शेखपुरा स्थित आवास पर भी विजिलेंस की टीम ने तलाशी ली है। यह मकान G+3 स्ट्रक्चर का बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि यह करोड़ों रुपये की लागत से बनी होगी।
सरकारी आवास में मौजूद थे इंजीनियर
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, विजिलेंस की टीम सुबह करीब आठ बजे पूर्णिया स्थित भवन निर्माण विभाग के कार्यालय पहुंची। करीब 30 मिनट तक कार्यालय में जांच के बाद टीम स्थानीय सदर थाना पुलिस के साथ एग्जीक्यूटिव इंजीनियर के सरकारी आवास पहुंची। बताया गया कि टीम के पहुंचने के दौरान सत्येंद्र कुमार चौधरी सरकारी आवास में ही मौजूद थे। करीब साढ़े आठ बजे से शुरू हुई कार्रवाई कई घंटे तक चली।
साढ़े छह घंटे की कार्रवाई के बाद बैग लेकर निकली टीम
पूर्णिया स्थित आवास पर करीब साढ़े छह घंटे तक चली तलाशी के बाद विजिलेंस टीम एक बैग लेकर बाहर निकली। हालांकि बैग में क्या मिला है, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। तलाशी के दौरान संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों की जानकारी, निवेश से संबंधित कागजात और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड मिलने की बात कही जा रही है। इन दस्तावेजों की जांच के जरिए अधिकारियों की ओर से संपत्तियों और आय के स्रोतों के बीच संबंधों को खंगाला जा रहा है।
आय से अधिक संपत्ति मामले में जांच
विजिलेंस की कार्रवाई का केंद्र आय से अधिक संपत्ति से जुड़े आरोप हैं। टीम संपत्तियों, बैंकिंग लेनदेन और निवेश संबंधी रिकॉर्ड की जांच कर रही है। फिलहाल जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अधिकारियों को कितनी संपत्ति और अन्य सामग्री मिली है और उसका कथित आय से क्या संबंध है।




