पटना | 22 जुलाई 2026

NEET पेपर लीक, प्रस्तावित उच्च शिक्षा विधेयक-2026 और दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुधवार को पटना में छात्रों का प्रदर्शन उग्र हो गया। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के आह्वान पर हजारों छात्र लोकभवन मार्च के लिए सड़कों पर उतरे। प्रदर्शन के दौरान कई जगह पुलिस और छात्रों के बीच तीखी झड़प हुई। हालात बिगड़ने पर डाकबंगला चौराहे पर केंद्रीय सुरक्षा बल CRPF और BSF की भी तैनाती करनी पड़ी।

गांधी मैदान से शुरू हुआ टकराव

प्रदर्शन की शुरुआत गांधी मैदान के गेट नंबर-12 से हुई, जहां पुलिस ने बैरिकेडिंग कर छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाने का प्रयास किया और कुछ स्थानों पर उन्हें तोड़ दिया। स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज भी किया। इसके बाद कई स्थानों पर छात्रों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हुई।

डाकबंगला चौराहे पर बढ़ा तनाव

प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते हुए डाकबंगला चौराहे तक पहुंच गए, जहां माहौल और तनावपूर्ण हो गया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस के एक एस्कॉर्ट वाहन को नुकसान पहुंचाने की भी सूचना सामने आई। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल के साथ CRPF और BSF की टीमें मौके पर तैनात की गईं। एहतियातन आसपास की कई दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी बंद करा दिया गया।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

प्रदर्शनकारी छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, NEET पेपर लीक की निष्पक्ष जांच, प्रस्तावित उच्च शिक्षा विधेयक वापस लेने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई। छात्रों का कहना था कि लगातार पेपर लीक और शैक्षणिक नीतियों को लेकर उनकी आवाज नहीं सुनी जा रही है।

शांति की अपील, लेकिन जारी रहा विरोध

मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण वार्ता की अपील की और प्रतिनिधिमंडल भेजने का सुझाव दिया, लेकिन छात्र प्रदर्शन जारी रखने पर अड़े रहे। वहीं आइसा के आयोजकों ने भीड़ से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की। देर शाम तक पुलिस पूरे इलाके में स्थिति पर नजर बनाए रही।