पटना, 14 अगस्त 2026 : बिहार के ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए एक बड़ी राहत की तैयारी है। अब आधार कार्ड बनवाने या उसमें बदलाव कराने के लिए लोगों को प्रखंड या जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। राज्य की सभी 8053 पंचायतों के पंचायत सरकार भवन में आधार सेवा केंद्र शुरू करने की तैयारी हो रही है। यहां आधार से जुड़े काम के साथ करीब 64 तरह की सरकारी और नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है। पंचायती राज विभाग ने इस दिशा में प्रक्रिया तेज कर दी है। आधार सेवा केंद्रों के संचालन के लिए विभाग और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के बीच करार होना प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य ग्रामीणों को उनके घर के नजदीक ही जरूरी सरकारी और डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराना है। इससे गांव के लोगों को काफी सुविधा होगी।

पंचायत भवन में ही बनेगा और अपडेट होगा आधार

नई व्यवस्था लागू होने के बाद पंचायत सरकार भवन में ही नया आधार बनवाने और मौजूदा आधार में जरूरी अपडेट कराने की सुविधा मिल सकेगी। इससे ग्रामीणों को छोटे-छोटे काम के लिए प्रखंड मुख्यालय जाने की जरूरत कम होगी। इसके अलावा एक ही केंद्र से कई प्रमाण पत्र और सरकारी योजनाओं से जुड़ी सेवाओं का लाभ लेने की सुविधा भी मिल सकती है।

CSC करेगा आधार केंद्रों का संचालन

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत आधार सेवा केंद्रों के संचालन की जिम्मेदारी CSC को दी जाएगी। इसके लिए पंचायती राज विभाग और CSC के बीच एक समझौता किया जाना है और करार का मसौदा तैयार किया जा रहा है। केंद्रों के लिए कंप्यूटर और आवश्यक उपकरण पंचायती राज विभाग की ओर से उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि संचालन CSC के कर्मचारी करेंगे। कर्मचारियों के मानदेय का भुगतान भी CSC की ओर से ही किया जाएगा। आधार सेवा केंद्रों के संचालन के लिए आवश्यक लाइसेंस और अनुमति से जुड़ी प्रक्रिया UIDAI के स्तर पर पूरी की जानी है।

आधार बनाने के लिए 75 रुपये शुल्क

प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार नया आधार बनवाने के लिए 75 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। अलग-अलग आधार सेवाओं के लिए निर्धारित शुल्क ही लिया जाएगा। अगर किसी केंद्र पर तय शुल्क से अधिक राशि की मांग की जाती है तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, कई सरकारी प्रमाण पत्रों से जुड़ी सेवाएं बिना शुल्क उपलब्ध कराने की योजना है।

कौन-कौन सी सेवाएं मिलेंगी ?

पंचायत सरकार भवन में शुरू होने वाले केंद्रों पर आधार के अलावा कई महत्वपूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है। इनमें—जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र , आवास प्रमाण पत्र , जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन से जुड़ी सेवाएं , राशन कार्ड से संबंधित काम, दाखिल-खारिज, जमाबंदी, एलपीसी, लगान भुगतान, छात्रवृत्ति से जुड़ी सेवाएं, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, कृषि संबंधी सेवाएं शामिल हैं।

PAN, बैंकिंग और बिल भुगतान की सुविधा भी

इन केंद्रों पर डिजिटल और वित्तीय सेवाओं का दायरा भी बढ़ाया जाएगा। ग्रामीणों को PAN कार्ड, बैंक पासबुक अपडेट, बिजली-पानी के बिल भुगतान जैसी सुविधाएं भी मिल सकती हैं। इसके अलावा बैंकिंग व बीमा से जुड़ी सेवाओं, लोन और माइक्रो क्रेडिट जैसी सुविधाओं को इन केंद्रों से जोड़ने की योजना है। यात्रियों के लिए रेल, बस व हवाई टिकट बुकिंग जैसी सेवाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है।

8053 पंचायतों में करीब 64 सेवाओं का लक्ष्य

पंचायत सरकार भवन में CSC और आधार सेवा केंद्र शुरू होने के बाद ग्रामीणों को एक ही जगह पर करीब 64 तरह की नागरिक और सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। सरकार की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल और सरकारी सेवाओं की पहुंच आसान बनाना है। इससे लोगों का समय बचेगा और प्रखंड या जिला मुख्यालय तक आने-जाने में होने वाला खर्च भी कम होगा।

ग्रामीणों के लिए क्या बदलेगा ?

फिलहाल आधार, प्रमाण पत्र, जमीन और दूसरी ऑनलाइन सेवाओं से जुड़े कई कामों के लिए ग्रामीणों को प्रखंड मुख्यालय जाना पड़ता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद पंचायत सरकार भवन स्थानीय स्तर पर कई जरूरी सेवाओं का केंद्र बन सकता है। यानी आने वाले समय में गांव के लोगों को आधार, प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, पेंशन, जमीन से जुड़े रिकॉर्ड, बैंकिंग व कई डिजिटल सेवाओं के लिए दूर जाने की जरूरत काफी हद तक कम हो सकती है। राज्य सरकार की इस पहल का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि ग्रामीणों को कई जरूरी सेवाएं उनके पंचायत स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी।