पटना, 31 अगस्त 2026 : बिहार में फ्लैट खरीदने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। अपार्टमेंट के फ्लैटों की जमीन का दाखिल-खारिज (Mutation) एक बार फिर शुरू होने की उम्मीद है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इसके लिए विशेष सॉफ्टवेयर तैयार करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। विभाग की तैयारी पूरी होने के बाद सितंबर 2026 से नई व्यवस्था लागू होने की संभावना है। करीब सवा साल से अपार्टमेंट की जमीन के फ्लैटधारियों के नाम दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पर रोक लगी हुई थी। इस वजह से फ्लैट खरीद चुके लोगों को जमीन का रिकॉर्ड अपने नाम कराने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब विभाग इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में काम कर रहा है।

अप्रैल 2025 से लगी थी दाखिल-खारिज पर रोक

बिहार में अपार्टमेंट की जमीन को फ्लैटधारियों के नाम दाखिल-खारिज करने की प्रक्रिया अप्रैल 2025 से रोक दी गई थी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने उस समय सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर अपार्टमेंट की जमीन के दाखिल-खारिज, नामांतरण और जमाबंदी सृजन की कार्रवाई पर रोक लगाने को कहा था। इस फैसले के बाद बड़ी संख्या में फ्लैट खरीदारों को अपने नाम जमीन का रिकॉर्ड अपडेट कराने में परेशानी हुई। अब विभाग नई तकनीकी व्यवस्था के जरिए इस प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

क्यों रोकी गई थी प्रक्रिया ?

विभाग के अनुसार बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम 2011 और नियमावली 2012 में अपार्टमेंट की जमीन का सीधे फ्लैटधारियों के नाम दाखिल-खारिज करने को लेकर स्पष्ट प्रावधान नहीं था। इसके अलावा विभाग के मौजूदा सॉफ्टवेयर में भी फ्लैट की जमीन के दाखिल-खारिज के लिए जरूरी तकनीकी व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी। इसका असर यह हुआ कि अलग-अलग अंचलों में फ्लैट की जमीन के रिकॉर्ड को लेकर अलग-अलग प्रक्रियाएं अपनाई जा रही थीं।

सितंबर 2026 से शुरू हो सकती है नई व्यवस्था

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग अब इस समस्या को दूर करने के लिए Special Software तैयार कर रहा है। जानकारी के मुताबिक सॉफ्टवेयर निर्माण का काम अंतिम चरण में है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद फ्लैट की जमीन के दाखिल-खारिज की प्रक्रिया को एक समान तरीके से संचालित करने की कोशिश होगी। इससे रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने और तकनीकी गड़बड़ियों को कम करने की उम्मीद है।

फ्लैट खरीदारों को क्या होगा फायदा ?

नई व्यवस्था लागू होने के बाद बिहार के फ्लैट खरीदारों को कई स्तर पर राहत मिलने की उम्मीद है।

  • फ्लैट की जमीन का रिकॉर्ड सही तरीके से दर्ज हो सकेगा।
  • दाखिल-खारिज की प्रक्रिया में एकरूपता आएगी।
  • अलग-अलग अंचलों में अलग प्रक्रिया अपनाने की समस्या कम होगी।
  • जमीन और फ्लैट की मिल्कियत को लेकर भविष्य के विवादों में कमी आ सकती है।
  • रिकॉर्ड अपडेट कराने की प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और तकनीकी रूप से व्यवस्थित हो सकती है।

जमीन के रिकॉर्ड को लेकर विवाद में भी आएगी कमी

फ्लैट खरीदने के बाद जमीन के रिकॉर्ड में नाम दर्ज नहीं होने की वजह से कई खरीदारों को भविष्य में परेशानी का सामना करना पड़ सकता था। नई व्यवस्था का उद्देश्य फ्लैट और उससे जुड़ी जमीन के रिकॉर्ड को बेहतर तरीके से दर्ज करना है। अगर सितंबर 2026 से यह व्यवस्था लागू होती है, तो लंबे समय से दाखिल-खारिज का इंतजार कर रहे फ्लैट खरीदारों को बड़ी राहत मिल सकती है।