पटना: राजधानी पटना में यातायात ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने के मामले में ट्रैफिक पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। मल्टी मॉडल हब के पास ड्यूटी पर तैनात एक अवर निरीक्षक समेत चार पुलिसकर्मियों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। वायरल वीडियो की जांच में संबंधित पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान आपस में बातचीत करते नजर आए। वहीं, बसों से बीच सड़क पर यात्रियों को चढ़ाने और उतारने के मामले में भी नियमानुसार कार्रवाई नहीं किए जाने की बात सामने आई है।
मामले में सभी संबंधित पुलिसकर्मियों से सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। उनके जवाब और विभागीय प्रक्रिया के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
वायरल वीडियो की जांच में सामने आई लापरवाही
मामला पटना के मल्टी मॉडल हब के पास का है, जहां यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इसी दौरान ड्यूटी में लापरवाही से जुड़ा एक वीडियो सामने आया।
वीडियो की जांच ट्रैफिक पुलिस उपाधीक्षक चतुर्थ ने की। जांच के दौरान मल्टी मॉडल हब के पिलर संख्या 03 और 04 के पास तैनात पुलिस अधिकारी और कर्मी अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय आपस में बातचीत करते दिखाई दिए।
जांच में ड्यूटी के दौरान यातायात नियंत्रण को लेकर भी लापरवाही सामने आने की बात कही गई है। इसके बाद विभाग ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की।
बीच सड़क पर यात्रियों को चढ़ाने-उतारने का मामला
जांच में यह भी सामने आया कि मल्टी मॉडल हब से निकलने वाली बसों में यात्रियों को चढ़ाने और उतारने के लिए निर्धारित व्यवस्था का पालन नहीं हो रहा था।
नियमानुसार यात्रियों को मल्टी मॉडल हब के अंदर ही बसों में चढ़ाने और उतारने की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके बावजूद बसों से यात्रियों को बीच सड़क पर चढ़ाया और उतारा जा रहा था।
इस तरह की गतिविधियों से सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने और जाम की स्थिति बनने की आशंका रहती है। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी थी कि वे निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित कराएं और उल्लंघन करने वाली बसों के खिलाफ कार्रवाई करें।
इन चार पुलिसकर्मियों का वेतन रोका गया
वायरल वीडियो की जांच के बाद ट्रैफिक पुलिस ने चार कर्मियों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने का आदेश दिया है। इनमें शामिल हैं:
- अवर निरीक्षक रमन कुमार
- महिला सिपाही ममता कुमारी
- महिला सिपाही रानी कुमारी
- सिपाही सुनील कुमार
विभाग ने इस मामले को ड्यूटी के दौरान लापरवाही और यातायात नियंत्रण में शिथिलता से जुड़ा माना है।
सात दिनों के भीतर देना होगा स्पष्टीकरण
वेतन रोकने की कार्रवाई के साथ ही चारों पुलिसकर्मियों को सात दिनों के भीतर संबंधित कार्यालय में अपना स्पष्टीकरण जमा करने का निर्देश दिया गया है।
उनसे ड्यूटी के दौरान सामने आई लापरवाही और यातायात नियमों के पालन को लेकर जवाब मांगा गया है। पुलिसकर्मियों के स्पष्टीकरण की समीक्षा और विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।
यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने पर जोर
मल्टी मॉडल हब के आसपास बसों का संचालन और यात्रियों के चढ़ने-उतरने की व्यवस्था यातायात प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। निर्धारित स्थान के बजाय बीच सड़क पर यात्रियों को उतारने और चढ़ाने से वाहनों की आवाजाही बाधित हो सकती है।
ऐसे में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी है कि वे यातायात नियमों का पालन कराएं और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करें।
वायरल वीडियो की जांच के बाद चार पुलिसकर्मियों का वेतन रोकने की कार्रवाई को इसी मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। अब विभागीय जांच और संबंधित कर्मियों के स्पष्टीकरण के बाद आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।




