पटना: राजधानी पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान एक बार फिर रामलीला के रंग में रंगने जा रहा है। दशहरे के अवसर पर आयोजित होने वाले रामलीला महोत्सव का आगाज 11 अक्टूबर से होगा। श्री दशहरा कमिटी ट्रस्ट की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में दिल्ली के सांस्कृतिक कला संगम के कलाकार भगवान श्रीराम के जीवन और रामायण के प्रमुख प्रसंगों का मंचन करेंगे।
इस बार रामलीला को आधुनिक तकनीक के जरिए और आकर्षक बनाने की तैयारी है। मंच के पीछे LED स्क्रीन और स्पेशल इफेक्ट्स का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे दर्शकों को रामायण के प्रसंगों का नया अनुभव मिल सकेगा। महोत्सव के दौरान रामलीला के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, भव्य रावण दहन और भरत मिलाप का भी आयोजन होगा।
नीतीश कुमार करेंगे रामलीला महोत्सव का उद्घाटन
गांधी मैदान में रामलीला महोत्सव का उद्घाटन 11 अक्टूबर को शाम चार बजे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार करेंगे। आयोजन में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार समेत कई गणमान्य लोगों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।
उद्घाटन समारोह के बाद रामलीला का मंचन शुरू होगा। शाम छह बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजकों के अनुसार, इस बार धार्मिक प्रस्तुतियों के साथ गीत-संगीत और नृत्य के कार्यक्रम भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र होंगे।
LED स्क्रीन और स्पेशल इफेक्ट्स से सजेगी रामलीला
इस साल गांधी मैदान की रामलीला में आधुनिक तकनीक का खास इस्तेमाल किया जाएगा। श्री दशहरा कमिटी ट्रस्ट के अध्यक्ष अरुण कुमार के मुताबिक, मंच के पीछे LED स्क्रीन लगाई जा रही है। इसके साथ स्पेशल इफेक्ट्स का इस्तेमाल कर रामायण के अलग-अलग दृश्यों को अधिक प्रभावशाली बनाने की तैयारी है।
आयोजकों का दावा है कि इस तरह की तकनीक से रामलीला की प्रस्तुति पहले से ज्यादा आकर्षक होगी। मंच पर कलाकारों के अभिनय और संवाद के साथ बैकग्राउंड विजुअल्स भी कहानी को जीवंत बनाने में मदद करेंगे।
1955 से चली आ रही परंपरा, इस बार 71वां वर्ष
गांधी मैदान की रामलीला पटना की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी पुरानी परंपरा है। वर्ष 1955 से आयोजित हो रहे इस महोत्सव का इस बार 71वां वर्ष बताया जा रहा है।
श्री दशहरा कमिटी ट्रस्ट के अनुसार, आयोजन का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना है। बदलते समय के साथ कार्यक्रम में आधुनिक तकनीक को शामिल किया जा रहा है, लेकिन इसकी मूल भावना को बरकरार रखा गया है।
रामलीला के साथ मां पटन देवी के दर्शन का अवसर
गांधी मैदान में रामलीला देखने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मां पटन देवी के दर्शन की व्यवस्था भी की जा रही है। मुख्य पंडाल के पास मां पटन देवी के विग्रह की स्थापना की जाएगी।
शिशिर कुमार और डॉ. अजय प्रकाश के संयोजन में होने वाली इस व्यवस्था के जरिए श्रद्धालुओं को रामलीला के साथ पूजा-अर्चना का अवसर भी मिलेगा।
20 अक्टूबर को होगा भव्य रावण दहन
रामलीला महोत्सव का प्रमुख आकर्षण 20 अक्टूबर को आयोजित होने वाला रावण दहन होगा। कार्यक्रम शाम चार बजे शुरू होने का कार्यक्रम है। इस दौरान रावण दहन के साथ आतिशबाजी भी होगी।
इसके अगले दिन यानी 21 अक्टूबर को शाम छह बजे भरत मिलाप का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही गांधी मैदान में आयोजित रामलीला महोत्सव का समापन होगा।
ट्रस्ट के महासचिव प्रिंस कुमार राजू के अनुसार, आयोजन की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। वहीं, कोषाध्यक्ष डॉ. धनंजय कुमार ने लोगों से बड़ी संख्या में पहुंचकर इस सांस्कृतिक और धार्मिक महोत्सव का हिस्सा बनने की अपील की है।
Patna Ramlila 2026: कब क्या होगा? देखें पूरा शेड्यूल
- 11 अक्टूबर: शाम 4 बजे उद्घाटन और रामलीला मंचन, शाम 6 बजे सांस्कृतिक कार्यक्रम।
- 12 से 14 अक्टूबर: शाम 4 बजे रामलीला मंचन, शाम 6 बजे सांस्कृतिक संध्या।
- 15 से 19 अक्टूबर: प्रतिदिन शाम 6 बजे रामलीला मंचन।
- 20 अक्टूबर: शाम 4 बजे भव्य रावण दहन और आतिशबाजी।
- 21 अक्टूबर: शाम 6 बजे भरत मिलाप।
गांधी मैदान में होने वाला यह महोत्सव धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति और मनोरंजन का संगम होगा। रामलीला के पारंपरिक मंचन के साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल इस बार दर्शकों के अनुभव को खास बनाने की कोशिश है।




