पटना: पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने को लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया है। रविवार को पटना स्थित अपने आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि देश में आपातकाल जैसे हालात बन रहे हैं और विरोध की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग का समर्थन
पप्पू यादव ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और वोट चोरी के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
सांसद ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निर्वाचन संस्थाओं की जवाबदेही को लोकतंत्र के लिए जरूरी बताया। उनके मुताबिक, चुनाव व्यवस्था पर उठ रहे सवालों का समाधान निष्पक्ष जांच और पारदर्शी प्रक्रिया के जरिए किया जाना चाहिए।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने पर उठाए सवाल
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान लोगों को हिरासत में लिए जाने की घटना पर पप्पू यादव ने आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विरोध करने वालों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोगों को अपनी समस्याएं और असहमति जाहिर करने का अवसर मिलना चाहिए। सरकार को विरोध करने वालों की बात सुननी चाहिए और उनके सवालों का जवाब देना चाहिए।
राहुल गांधी और कांग्रेस के अभियान का समर्थन
पप्पू यादव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस के वोट चोरी विरोधी अभियान का भी समर्थन किया। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोपों की जांच की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन संस्थाओं की जवाबदेही और चुनाव में पारदर्शिता बनाए रखना जरूरी है, ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों का भरोसा कायम रहे।
बेरोजगारी, पेपर लीक और महंगाई पर भी सरकार को घेरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सांसद ने बेरोजगारी और पेपर लीक के मुद्दे भी उठाए। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। उनके अनुसार, युवाओं की समस्याओं को नजरअंदाज करने के बजाय उनका समाधान निकालने की जरूरत है।
पप्पू यादव ने महंगाई, बढ़ते कर्ज और केंद्र सरकार की विदेश नीति को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज दबाने के बजाय उनकी समस्याओं को सुना जाना चाहिए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पप्पू यादव ने लोकतांत्रिक अधिकारों, चुनावी पारदर्शिता और युवाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।




