सिडनी, 23 सितंबर 2026 : बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने अपने ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान सिडनी में ऑस्ट्रेलियाई संसद का भ्रमण किया। इसके बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई अटॉर्नी जनरल माइकल डेली, ऑस्ट्रेलियाई मंत्री जिहाद डिब तथा सांसद स्टीफन बाली, मार्क हॉजेस, ह्यू मैकडरमॉट और वॉरेन किर्बी के साथ शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच संसदीय संवाद और भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई। डॉ. प्रेम कुमार का ऑस्ट्रेलिया दौरा उनके सितंबर 2026 के आधिकारिक अध्ययन दौरे का हिस्सा है। इससे पहले वे दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन में 69वें Commonwealth Parliamentary Conference में शामिल हुए थे। इसके बाद उनके कार्यक्रम में Sydney, Auckland और Maldives की यात्राएं शामिल हैं।

बिहार की विकास यात्रा पर प्रेम कुमार ने रखी बात

सिडनी में हुई बातचीत के दौरान डॉ. प्रेम कुमार ने बिहार विधानसभा की ओर से ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधियों का अभिनंदन किया। उन्होंने भारत की आर्थिक विकास यात्रा और विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल इकोनॉमी, टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में लगातार विकास हो रहा है। विश्व बैंक के अप्रैल 2026 के India Development Update के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत रही।

बिहार की युवा आबादी और मानव संसाधन पर जोर

स्पीकर डॉ. प्रेम कुमार ने बिहार की युवा आबादी, मानव संसाधन, कृषि क्षमता और उद्यमशीलता को राज्य की प्रमुख ताकतों के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बिहार में सड़क और पुल, कनेक्टिविटी, उद्योग, निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, कौशल विकास और रोजगार जैसे क्षेत्रों में विकास को गति देने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय को भी विकास परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार, बिहार का लक्ष्य आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना, निवेश को आकर्षित करना, उद्योगों को बढ़ावा देना और युवाओं के लिए रोजगार व अवसरों का विस्तार करना है।

Australia के साथ बिहार में सहयोग की संभावनाएं

डॉ. प्रेम कुमार ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सहयोग के व्यापक अवसरों का उल्लेख करते हुए बिहार को भी इस साझेदारी में एक महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में देखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि बिहार और ऑस्ट्रेलिया के बीच शिक्षा, कृषि, कौशल विकास, उद्योग, निवेश, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई संसद के सदस्यों को बिहार के साथ सहयोग के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि संसदीय स्तर पर होने वाला संवाद दोनों देशों और दोनों क्षेत्रों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने में उपयोगी हो सकता है।

संसदीय संवाद को बताया महत्वपूर्ण

डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधियों के साथ हुई बातचीत भारत-ऑस्ट्रेलिया के साथ-साथ बिहार और ऑस्ट्रेलिया के बीच भी दीर्घकालिक संपर्क और सहयोग के लिए आधार तैयार कर सकती है। बिहार विधानसभा के अध्यक्ष का यह दौरा ऐसे समय हुआ है जब वे Commonwealth Parliamentary Association के सम्मेलन के बाद विभिन्न देशों की संसदों का अध्ययन और संसदीय प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर रहे हैं। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, इस दौरे का उद्देश्य संसदीय लोकतंत्र, विधायी कार्यप्रणाली और वैश्विक चुनौतियों से निपटने में संसदों की भूमिका को लेकर अनुभवों का आदान-प्रदान करना है।