पटना, 20 सितंबर। बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। खास चर्चा पटना स्नातक सीट की है, जहां जदयू के नीरज कुमार के सामने संभावित चुनौती को लेकर नए समीकरण बनते दिख रहे हैं। जन सुराज ने पांच सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की है, जबकि पटना स्नातक सीट पर उम्मीदवार को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई है।

नीरज कुमार के खिलाफ अनंत सिंह का समर्थन

पटना स्नातक सीट पर जदयू नेता नीरज कुमार और मोकामा विधायक अनंत सिंह के बीच राजनीतिक मतभेद पहले से चर्चा में रहे हैं। अब अनंत सिंह ने जन सुराज से जुड़े डॉ. अनुज सिंह को समर्थन देने की बात कही है। उनके इस रुख से चुनावी मुकाबले को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

कौन हैं डॉ. अनुज सिंह?

डॉ. अनुज सिंह इससे पहले बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। पटना स्नातक सीट के लिए उनका नाम संभावित उम्मीदवार के तौर पर चर्चा में है। हालांकि, अंतिम उम्मीदवार के नाम पर पार्टी की औपचारिक घोषणा का इंतजार है। रिपोर्टों के मुताबिक अनुज सिंह ने भी कहा है कि उम्मीदवार को लेकर अंतिम फैसला पार्टी का ही होगा।

प्रशांत किशोर ने क्या कहा?

अनंत सिंह के समर्थन और अनुज सिंह के नाम को लेकर प्रशांत किशोर से सवाल किया गया। उन्होंने संकेत दिया कि उम्मीदवार तय करना पार्टी का फैसला है और अनंत सिंह क्या कर रहे हैं, यह पार्टी के लिए मुख्य विषय नहीं है। जन सुराज की ओर से उम्मीदवारों की सूची जारी किए जाने की प्रक्रिया के बीच पटना सीट पर सस्पेंस बना हुआ है।

नीरज-अनंत विवाद से बढ़ी चर्चा

पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच राजनीतिक खींचतान ने इस चुनाव को खास चर्चा में ला दिया है। नीरज कुमार ने भी हालिया बयानों में कहा है कि अभी उन्हें उम्मीदवार घोषित नहीं किया गया है। ऐसे में दोनों नेताओं के बयानों के बीच चुनावी समीकरण पर नजर बनी हुई है।

अब किसके नाम पर लगेगी मुहर?

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि जन सुराज पटना स्नातक सीट से डॉ. अनुज सिंह को आधिकारिक तौर पर मैदान में उतारता है या किसी दूसरे नाम पर फैसला करता है। उम्मीदवार की घोषणा के बाद ही मुकाबले की तस्वीर और साफ होगी। तब तक अनंत सिंह का समर्थन, नीरज कुमार की दावेदारी और प्रशांत किशोर की रणनीति इस सीट को बिहार के चर्चित विधान परिषद मुकाबलों में बनाए हुए है।