पटना: बिहार में सरकारी दफ्तरों में आम लोगों के काम के नाम पर होने वाली दलाली पर सरकार अब सख्त रुख अपनाने जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संकेत दिए हैं कि थानों, अंचल कार्यालयों और प्रखंड कार्यालयों में सक्रिय बिचौलियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। इसके लिए CCTV कैमरों की निगरानी का सहारा लिया जाएगा।
मीडिया संवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि लोगों को सरकारी सेवाओं का लाभ सीधे मिले और उन्हें किसी बिचौलिए का सहारा न लेना पड़े। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर शिकायत मिलती है कि कुछ लोग आम जनता के काम कराने के नाम पर पैसे लेते हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। अगर किसी कार्यालय में दलाली या अवैध वसूली की शिकायत सामने आती है तो संबंधित लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की नीति पूरी तरह स्पष्ट है और किसी भी स्तर पर गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। CCTV कैमरों के जरिए कार्यालयों में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी ताकि आम लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
सरकार का मानना है कि इस कदम से सरकारी दफ्तरों में कामकाज की व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा। खासकर ग्रामीण इलाकों में कई बार लोगों को छोटे-छोटे काम के लिए बिचौलियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। नई व्यवस्था से ऐसी शिकायतों में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।




