पटना, 16 अगस्त। बांकीपुर उपचुनाव के बाद भाजपा सांसद मनोज तिवारी और जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर के बीच जुबानी जंग तेज होती नजर आ रही है। प्रशांत किशोर की ओर से कथित तौर पर मनोज तिवारी को ‘फ्रॉड’ कहे जाने के बाद भाजपा सांसद ने पलटवार करते हुए उन्हें ‘अहंकारी’ बताया। मनोज तिवारी ने कहा कि चुनावी राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी और अपशब्दों से बचना चाहिए।
मनोज तिवारी बोले- जीत के बाद भी भाषा पर संयम जरूरी
पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान मनोज तिवारी ने कहा कि चुनाव के दौरान राजनीतिक बयानबाजी अपनी जगह है, लेकिन चुनाव परिणाम आने के बाद भी भाषा की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जीत के बाद जो व्यक्ति झुकता है, वह संस्कारी होता है, जबकि जीत के बाद भी अपशब्दों का इस्तेमाल करने वाला अहंकारी कहलाता है।
भाजपा सांसद ने कहा कि प्रशांत किशोर जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, उससे उन्हें हैरानी हुई है। उन्होंने बांकीपुर में जीत के लिए प्रशांत किशोर को बधाई देते हुए उनसे क्षेत्र की जनता के हित में काम करने की अपील भी की।
खुद को बताया ‘संस्कारी बिहारी’
मनोज तिवारी ने अपने सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने बड़ी संख्या में कलाकारों को मंच देने का काम किया है और बिहार की पहचान को देश-दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि वह खुद को ‘संस्कारी बिहारी’ मानते हैं और इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना उनकी कार्यशैली का हिस्सा नहीं है।
प्रशांत किशोर ने लगाया था गंभीर आरोप
दरअसल, विवाद तब बढ़ा जब प्रशांत किशोर ने एक इंटरव्यू में मनोज तिवारी को कथित तौर पर ‘फ्रॉड आदमी’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मनोज तिवारी चुनाव के समय बिहार आते हैं और चुनाव के बाद क्षेत्र से दूर हो जाते हैं। प्रशांत किशोर ने उन्हें भोजपुर में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भरत तिवारी के परिवार के लिए न्याय की पहल करने की चुनौती भी दी।
भरत तिवारी मामले से जुड़ा विवाद
दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी की एक प्रमुख वजह भरत तिवारी एनकाउंटर मामला भी बताया जा रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान मनोज तिवारी ने प्रशांत किशोर पर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि प्रशांत किशोर ने भरत तिवारी की मां से कथित तौर पर कहा था कि वह तभी न्याय दिलाने की पहल करेंगे, जब वह बांकीपुर आकर जन सुराज के पक्ष में प्रचार करेंगी।
फिलहाल दोनों नेताओं के बीच बढ़ती बयानबाजी ने बिहार की राजनीतिक हलचल को और तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में इस विवाद पर दोनों पक्षों की ओर से और प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना है।




