पटना, 12 सितंबर 2026 : बिहार विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक सीटों के चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने शुक्रवार को छह उम्मीदवारों की सूची जारी की, जिसके बाद लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने पार्टी के टिकट बंटवारे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट कर गंभीर आरोप लगाया है कि लंबे समय से पार्टी के लिए संघर्ष करने वाले समर्पित नेताओं और कार्यकर्ताओं की पूरी तरह से अनदेखी की गई है। उन्होंने चुनाव से ठीक पहले पार्टी में शामिल हुए कुछ चेहरों को टिकट देने पर भी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि राजद के लिए यह कदम आत्मघाती होगा।
रोहिणी आचार्य ने क्या कहा ?
रोहिणी आचार्य ने कहा कि वैचारिक निष्ठा और लंबे संघर्ष को नजरअंदाज कर चुनाव से पहले आए अवसरवादी चेहरों को प्राथमिकता देना समर्पित नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का अनादर है।उन्होंने यह भी कहा कि दशकों तक पार्टी और संगठन के लिए संघर्ष करने वाले नेताओं को दरकिनार करना RJD के आंतरिक लोकतंत्र और जमीनी कैडर के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। उनके मुताबिक यह फैसला निष्ठावान लालूवादियों के साथ वादाखिलाफी है।
RJD ने 6 उम्मीदवारों के नाम किए जारी
RJD प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल के हस्ताक्षर से जारी सूची में छह उम्मीदवारों के नाम हैं।
- पटना शिक्षक : डॉ. संजीव सिंह, पूर्व JDU विधायक
- पटना स्नातक : दिलीप कुमार, पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी
- कोसी स्नातक : नितेश कुमार
- दरभंगा स्नातक : अनिल कुमार झा
- सारण शिक्षक : प्रोफेसर जयराम यादव
- तिरहुत शिक्षक : डॉ. रश्मि विनायक गौतम
RJD ने तिरहुत स्नातक और दरभंगा शिक्षक सीट सहयोगी दलों के लिए छोड़ दी है।
नए चेहरों को टिकट मिलने से बढ़ा विवाद
टिकट बंटवारे को लेकर विवाद की प्रमुख वजह कुछ उम्मीदवारों की हालिया राजनीतिक पृष्ठभूमि बताई जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, पटना स्नातक के उम्मीदवार दिलीप कुमार, सारण शिक्षक सीट के उम्मीदवार प्रो. जयराम यादव और तिरहुत शिक्षक सीट की उम्मीदवार डॉ. रश्मि विनायक गौतम शुक्रवार को ही RJD में शामिल हुए थे। इसके बाद उन्हें टिकट मिलने से पार्टी के पुराने और निष्ठावान कार्यकर्ताओं के बीच नाराजगी की चर्चा तेज हो गई है।
बिहार में 8 MLC सीटों पर चुनाव
बिहार विधान परिषद की कुल आठ सीटों पर स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के तहत चुनाव होना है। इनमें चार स्नातक और चार शिक्षक सीटें शामिल हैं। स्नातक सीटों में पटना, दरभंगा, कोसी और तिरहुत, जबकि शिक्षक सीटों में पटना, दरभंगा, सारण और तिरहुत शामिल हैं। मौजूदा MLC का छह साल का कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त हो रहा है। ऐसे में इन सीटों को लेकर बिहार की सियासत में आने वाले दिनों में और भी हलचल देखने को मिल सकती है।




