पटना, 15 सितंबर 2026। बिहार विधान परिषद (MLC) की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर खींचतान शुरू हो गई है। RJD ने इनमें से छह सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं, जबकि दो सीटें सहयोगी दलों के लिए छोड़ी हैं। RJD के इस फैसले से कांग्रेस समेत वाम दलों में नाराजगी बताई जा रही है। सहयोगी दलों की शिकायत है कि RJD ने महागठबंधन की बैठक या आपसी सहमति के बिना एकतरफा तरीके से उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। ऐसे में कुछ दल RJD प्रत्याशियों के खिलाफ अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी में हैं। इससे एक बार फिर महागठबंधन के भीतर ‘फ्रेंडली फाइट’ की स्थिति बन सकती है।
RJD ने छह सीटों पर घोषित किए उम्मीदवार
RJD ने आठ में से छह सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं। पार्टी ने दो सीटें सहयोगी दलों के लिए छोड़ी हैं। इनमें एक सीट कांग्रेस के मौजूदा MLC मदन मोहन झा और दूसरी CPI के मौजूदा MLC संजय कुमार सिंह के लिए बताई गई है। हालांकि कांग्रेस, CPI, CPM और CPI (ML) के बीच इस बात को लेकर नाराजगी है कि सीटों पर फैसला महागठबंधन की सामूहिक बैठक में क्यों नहीं हुआ।
कांग्रेस में सबसे ज्यादा नाराजगी
कांग्रेस के भीतर RJD के फैसले को लेकर असंतोष ज्यादा दिखाई दे रहा है। बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू ने संभावित उम्मीदवारों के साथ सदाकत आश्रम में चर्चा की है। पार्टी नेताओं ने कई सीटों के लिए दावेदारी पेश की है। कांग्रेस के भीतर यह राय भी सामने आई है कि पार्टी को बिहार में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए RJD पर निर्भरता कम करनी चाहिए। हालांकि, अंतिम फैसला कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व करेगा।
कांग्रेस का आरोप- RJD में BJP के ‘स्लीपर सेल’
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने RJD के साथ समन्वय को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव दर चुनाव RJD की ओर से महागठबंधन के भीतर पर्याप्त समन्वय नहीं किया जा रहा है। उन्होंने यहां तक कहा कि तेजस्वी यादव के कुछ सलाहकारों में BJP के ‘स्लीपर सेल’ के लोग हो सकते हैं और इसी वजह से गलत राजनीतिक फैसले हो रहे हैं। यह कांग्रेस नेता का आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है। कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी चुनाव दर चुनाव ऐसी स्थिति नहीं बनने देगी, जिससे BJP को फायदा पहुंचे। उन्होंने संकेत दिया कि कांग्रेस आगे अपने राजनीतिक हितों को ध्यान में रखकर फैसला लेगी।
CPI ने भी बढ़ाई तैयारी
CPI ने तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से मौजूदा MLC प्रो. संजय कुमार सिंह के अलावा सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विद्यासागर विद्यार्थी को उम्मीदवार बनाने की तैयारी की है। सारण सीट पर RJD ने प्रो. जयराम यादव को उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में यहां RJD और CPI के बीच सीधा मुकाबला होने की संभावना बन गई है। इस सीट से निर्दलीय आफाक अहमद मौजूदा MLC हैं। पिछले चुनाव में उन्हें जनसुराज का समर्थन मिला था।
CPM दो-तीन सीटों पर उतार सकती है उम्मीदवार
CPM में अभी उम्मीदवारों को लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। पार्टी की सचिव मंडल की बैठक में इस पर निर्णय होने की उम्मीद है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक CPM दो या तीन सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर सकती है। दरभंगा सीट से रामदेव राय के नाम की चर्चा भी है।
माले में भी चल रहा मंथन
CPI(ML) भी दो सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी में है। पार्टी के राज्य सचिव कुणाल के मुताबिक अभी सीट और उम्मीदवार को लेकर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि BJP के खिलाफ व्यापक राजनीतिक लड़ाई के बीच विपक्षी दलों का अलग-अलग चलना उचित नहीं होगा। इससे संकेत मिलता है कि पार्टी महागठबंधन से पूरी तरह अलग होने के पक्ष में फिलहाल नहीं है।
कांग्रेस के कई नेता चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में
कांग्रेस के मौजूदा MLC मदन मोहन झा का दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ना लगभग तय माना जा रहा है। इसके अलावा कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौर तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से दावेदारी कर रहे हैं। कोसी स्नातक सीट से प्रो. आलोक यादव और शिक्षक नेता अमित विक्रम भी कांग्रेस के टिकट के लिए तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस एक से ज्यादा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है। हालांकि, पार्टी का अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश के बाद होगा।
2025 विधानसभा चुनाव की ‘फ्रेंडली फाइट’ की याद
महागठबंधन में मौजूदा विवाद के बीच 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव का घटनाक्रम भी चर्चा में है। उस चुनाव में कई सीटों पर NDA के बजाय महागठबंधन के सहयोगी दल ही आमने-सामने आ गए थे। बताया गया कि कुल 243 विधानसभा सीटों में 12 सीटों पर महागठबंधन के दलों के बीच मुकाबला हुआ। सहयोगियों के बीच वोटों के बंटवारे का फायदा NDA उम्मीदवारों को मिला। इसके बाद मार्च 2026 में बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के चुनाव में भी महागठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठे। RJD उम्मीदवार अमरेंद्र धारी सिंह चुनाव हार गए, जबकि NDA ने पांचों सीटों पर जीत दर्ज की।
MLC चुनाव में किसे फायदा ?
बिहार विधान परिषद की जिन आठ सीटों पर चुनाव होना है, उनमें पटना, तिरहुत, दरभंगा, कोसी और सारण समेत शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। जनसुराज ने सभी 8 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। ऐसे में अगर RJD, कांग्रेस और लेफ्ट के बीच अलग-अलग उम्मीदवार मैदान में उतरते हैं, तो विपक्षी वोटों के बंटवारे का फायदा NDA या जनसुराज को मिल सकता है।फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि चुनाव से पहले महागठबंधन सीटों पर सहमति बना पाता है या एक बार फिर सहयोगी दल आमने-सामने दिखाई देंगे।




