पटना, 26 सितंबर 2026 : बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों पर चुनाव हो रहा है। इसमें पटना स्नातक सीट सबसे खास माना जा रहा है। यहां मोकामा विधायक अनंत सिंह की प्रतिष्ठा दांव पर है। इस बीच विधायक अनंत सिंह ने पूर्व मंत्री नीरज कुमार को परास्त करने का दावा कर दिया है।JDU ने अनंत सिंह के विरोध के बाद भी नीरज कुमार को टिकट दिया है। इस लिहाज से जदयू नेता व मंत्री निशांत कुमार की भी प्रतिष्ठा जुड़ गई है। अब निशांत कुमार के सामने पहली बड़ी परीक्षा MLC चुनाव है। अब देखना दिलचस्प होगा कि निशांत कुमार बाहुबली अनंत सिंह को कैसे मनाते हैं, क्योंकि नीरज कुमार को जीत दिलाने की बड़ी चुनौती उनके सामने है। कुल मिलाकर यह चुनाव बताएगा कि निशांत कुमार पहली परीक्षा कैसे पास करते हैं। इस सीट से प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज ने डॉ अनुज सिंह को टिकट दिया है। अनुज को अनंत सिंह का समर्थन मिला हुआ है। चार स्नातक और चार शिक्षक सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होगा, जबकि 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। इन सीटों का मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त हो रहा है। इन आठ सीटों में सबसे ज्यादा चर्चा पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की है। यहां जेडीयू ने मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार को फिर मैदान में उतारा है। दूसरी तरफ जन सुराज ने डॉ. अनुज सिंह को उम्मीदवार बनाया है। अनुज सिंह को मोकामा विधायक अनंत सिंह का समर्थन प्राप्त है। ऐसे में नीरज और अनुज के बीच मुकाबले के साथ-साथ अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच पुरानी राजनीतिक खींचतान भी काफी चर्चा में है।

पटना स्नातक सीट: नीरज कुमार के सामने अनुज सिंह

पटना स्नातक सीट पर इस बार जेडीयू के नीरज कुमार, जन सुराज के डॉ. अनुज सिंह और आरजेडी के दिलीप कुमार समेत कई उम्मीदवार मैदान में हैं। जेडीयू ने 23 सितंबर को नीरज कुमार को दोबारा उम्मीदवार घोषित किया। यह फैसला ऐसे समय हुआ, जब अनंत सिंह सार्वजनिक तौर पर नीरज कुमार के विरोध में अपना रुख जाहिर कर चुके थे। इसके बाद 24 सितंबर को जन सुराज ने अनुज सिंह को आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया। इस सीट पर मुकाबले को इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि अनंत सिंह ने अनुज सिंह के समर्थन का ऐलान किया है। नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच पुराना राजनीतिक विवाद भी इस चुनाव की चर्चा का हिस्सा बना हुआ है। दोनों नेताओं की ओर से एक-दूसरे को लेकर अलग-अलग दावे और आरोप सामने आए हैं। 2020 के चुनाव में नीरज कुमार ने आरजेडी के आजाद गांधी को हराया था। इस बार उनके सामने आरजेडी के दिलीप कुमार और जन सुराज के अनुज सिंह समेत अन्य प्रत्याशी हैं।

पटना स्नातक सीट क्यों खास ?

यह सीट सिर्फ एक MLC चुनाव नहीं, बल्कि कई राजनीतिक समीकरणों के टकराव का मैदान बन गई है। एक तरफ जेडीयू अपने मौजूदा उम्मीदवार नीरज कुमार के साथ है, तो दूसरी तरफ अनंत सिंह का समर्थन अनुज सिंह के साथ बताया जा रहा है। जन सुराज की एंट्री ने मुकाबले में एक और राजनीतिक धुरी जोड़ दी है।

पटना शिक्षक सीट : नवल किशोर यादव के सामने नई चुनौती

पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में लंबे समय से भाजपा से जुड़े नवल किशोर यादव चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण नाम रहे हैं। आरजेडी ने यहां डॉ. संजीव कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया है। जन सुराज ने इस सीट से दिव्या ज्योति को मैदान में उतारा है। इस तरह यहां मुकाबला एक से अधिक राजनीतिक दलों के बीच है। नवल किशोर यादव ने 2020 में भी जीत दर्ज की थी। इस बार उनके सामने आरजेडी और जन सुराज के उम्मीदवार हैं।

दरभंगा स्नातक : मौजूदा निर्दलीय सदस्य के सामने दलों की चुनौती

दरभंगा स्नातक सीट से मौजूदा विधान पार्षद सर्वेश कुमार निर्दलीय जीत चुके हैं। इस बार आरजेडी ने अनिल कुमार झा को उम्मीदवार बनाया है। जन सुराज ने रवींद्र कुमार यादव को उम्मीदवार घोषित किया है। वहीं, इस सीट को लेकर एनडीए में भाजपा की भूमिका अहम है, क्योंकि जेडीयू ने दरभंगा स्नातक सीट पर अपना दावा छोड़ दिया है। 2020 के चुनाव में सर्वेश कुमार ने जेडीयू के डॉ. दिलीप कुमार चौधरी को हराकर जीत दर्ज की थी।

दरभंगा शिक्षक : मदन मोहन झा के सामने घनश्याम राय

दरभंगा शिक्षक सीट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मौजूदा विधान पार्षद डॉ. मदन मोहन झा का मुकाबला जेडीयू के प्रो. घनश्याम राय से है। जेडीयू ने 23 सितंबर को घनश्याम राय को आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया था। कांग्रेस की ओर से मदन मोहन झा के नाम पर पहले से चर्चा थी। जन सुराज ने भी इस सीट से एसपी राय/सुरेश राय को उम्मीदवार बनाया है। 2020 में मदन मोहन झा ने भाजपा के सुरेश प्रसाद राय को हराया था।

तिरहुत स्नातक : अभिषेक झा के सामने कई चेहरे

तिरहुत स्नातक सीट पर जेडीयू ने अभिषेक झा को फिर उम्मीदवार बनाया है। आरजेडी ने डॉ. रश्मि विनायक गौतम को मैदान में उतारा है। जन सुराज ने इस सीट से डॉ. विमोहन कुमार को उम्मीदवार बनाया है। इस सीट पर पिछला चुनाव भी काफी चर्चा में रहा था। देवेश चंद्र ठाकुर के लोकसभा चुनाव जीतने के बाद हुए उपचुनाव में निर्दलीय बंशीधर व्रजवासी ने जेडीयू के अभिषेक झा को हराया था। अब अभिषेक झा फिर मैदान में हैं।

तिरहुत शिक्षक : संजय कुमार सिंह vs भूषण झा

तिरहुत शिक्षक सीट पर मौजूदा विधान पार्षद सीपीआई के संजय कुमार सिंह फिर चुनाव मैदान में हैं।जन सुराज ने यहां भूषण झा को उम्मीदवार बनाया है। पार्टी ने 24 सितंबर को अपने अंतिम तीन उम्मीदवारों की घोषणा के साथ भूषण झा के नाम का भी ऐलान किया था। पिछले चुनाव में संजय कुमार सिंह ने भूषण झा को हराया था।

कोसी स्नातक : एनके यादव के सामने नितेश कुमार

कोसी स्नातक सीट पर मौजूदा भाजपा समर्थित/भाजपा उम्मीदवार डॉ. एनके यादव प्रमुख उम्मीदवारों में हैं। आरजेडी ने नितेश कुमार को मैदान में उतारा है। जन सुराज ने इस सीट से रजनीश रंजन को उम्मीदवार बनाया है। 2020 के चुनाव में एनके यादव ने आरजेडी के नितेश कुमार को हराया था। इस बार दोनों नाम फिर आमने-सामने हैं।

सारण शिक्षक : अफाक अहमद फिर मैदान में

सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जन सुराज ने मौजूदा विधान पार्षद अफाक अहमद को फिर उम्मीदवार बनाया है। आरजेडी ने प्रो. जयराम यादव को मैदान में उतारा है, जबकि जेडीयू ने आनंद पुष्कर को उम्मीदवार घोषित किया है। अफाक अहमद 2023 के उपचुनाव में जीतकर विधान परिषद पहुंचे थे। इस बार वह अपनी सीट बरकरार रखने के लिए मैदान में हैं।

आठ सीटों पर क्या है पूरा मुकाबला ?

बिहार MLC चुनाव की इन आठ सीटों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी की स्नातक सीटें तथा पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण की शिक्षक सीटें शामिल हैं। कुल मिलाकर यह चुनाव 30 जिलों से जुड़े मतदाताओं के लिए महत्वपूर्ण है। सबसे ज्यादा राजनीतिक चर्चा फिलहाल पटना स्नातक सीट को लेकर है, जहां जेडीयू के नीरज कुमार और जन सुराज के डॉ. अनुज सिंह आमने-सामने हैं और अनंत सिंह का समर्थन अनुज सिंह के साथ बताया जा रहा है। हालांकि, चुनाव का परिणाम आने तक किसी भी उम्मीदवार की जीत या हार को लेकर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। मतदान 23 अक्टूबर और मतगणना 27 अक्टूबर 2026 को होगी।